दांतों को सफेद बनाने से पहले याद रखे यह बातें।

daant safed banane se pahle yaad rakhe yeh baatein.

सभी लोग अपने दांतों को मोतियों की तरह सफेद और चमकदार बनाने की तमन्ना रखते हैं। क्योंकि एक प्यारी सी मुस्कान के लिए दांतों का सफेद होना जरूरी हैं। कई बार लोग दांतों को सफेद और चमकदार बनाने के लिए डेंटिस्ट की सहायता भी लेते हैं। दांतों को सफेद और चमकीला बनाने से पहले यह बातें जरूर याद रखनी चाहिए।

► वाइटनिंग और क्लीनिंग दोनों अलग-अलग हैं

अगर आपके दांतों को गंदगी जमा हो जाये तो दांत पीले दिखाई देने लगते हैं। इसे दूर करने के लिए आप डेंटल क्लीगनिंग अथवा स्केलिंग करवा सकते हैं। इस धुंधलेपन को मिटाने के लिए वाइटआनिंग ट्रीटमेंट की आवश्कता नहीं हैं।

► वाइटनिंग करवाने से दांतों की सभी बीमारियाँ दूर नहीं होती हैं

किसी आदमी के एनेमल या dentin (दांतों को बनाने वाले टिश्यू) खराब हो जाते हैं। ऐसे बचपन में ज्यादा मात्रा में फ्लोराइड का सेवन करने से होता हैं। इसके अलावा बचपन में कुछ विशेष दवाओं को लेने से भी यह समस्या हो सकती हैं। ऐसे मामलो में ब्लीचिंग सफल नहीं होती हैं और और व्यक्तिी को वेनीर्स अथवा क्राउन जैसे विकल्पों के बारे में विचार करना पड़ता है। इसके बारे में अपने दन्त चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

► टूथ वाइटनिंग एक केमिकल प्रोसेस हैं

ब्लीचिंग यानि टूथ वाइटनिंग ट्रीटमेंट एक केमिकल प्रोसेस होता हैं। जिसमें पेरोक्साइड ग्रुप के तत्त्वों का उपयोग किया जाता हैं। दांतों की सतह से संपर्क में आने के बाद ये तत्त्व फ्री-रेडिकल ऑक्सीजन का स्राव करते हैं, जो दांतों की बाहरी परत में प्रवेश कर रंग उत्पन्न करने वाले वर्णकों का ऑक्सीकरण कर देते हैं। जिससे दांत चमकने लगते हैं। इस प्रोसेस को डेंटिस्ट से ही करवाना चाहिए, लेकिन आप चाहे तो डॉक्टर के द्वारा बताई गयी दवाओं के जरिये इस प्रोसेस को घर पर भी कर सकते हैं।

► वाइटनिंग करवाने से दांत परमानेंट सफेद नहीं बनते हैं

वाइटनिंग करवाने से दांत हमेशा के लिए चमकदार और सफेद नहीं बन जाते हैं। बल्कि इससे आपके दांत 1 साल से लेकर 3 साल तक चमकीले और सफेद बने रह सकते हैं। कुछ सावधानी बरत कर और नियमित टच अप से आपकी स्माइल लम्बे समय तक बरकरार रह सकती हैं।

► सभी लिए नहीं हैं जरूरी वाइटनिंग करवाना

अगर आपको डेंटिस्ट ने सलाह दी हैं तभी आपको वाइटनिंग करवाना चाहिए। यदि आपके दांतों में कैविटी है, आपके दांतों में बहुत ज्यादा सेंसेटिविटी है, आपके मसूड़ों में तकलीफ है या आपको मूंह के अन्य रोग हैं।

► दांतों को चमकने में लगने वाला समय

दांत आपके कितने ज्यादा चमकेंगे यह पूरी तरह से ट्रीटमेंट के प्रकार पर निर्भर करता हैं। अपनी मनपसंद चमक पाने के लिए आपको इसमें एक घंटे से लेकर एक हफ्ता भी लग सकता हैं।

► वाइटनिंग करवाने के बाद देखभाल करनी हैं जरूरी

दांतों की ब्लीचिंग करवाने के बाद आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता हैं। ऐसे की आपको कुछ चीजों को खाने से परहेज़ करना पड़ता हैं। इनमे से चाय, कॉफ़ी, सोडा, वाइन आदि प्रमुख्य हैं। क्योंकि इनसे दांतों को हानि हो सकती हैं। साथ ही आपको स्मोकिंग और तम्बाकू के प्रोडक्ट्स को न लेने की सलाह भी दी जाती हैं। इसके अलावा आपको ब्रश और फ्लोसिंग के जरिये दांतों की सूक्ष्म देख भाल भी करते रहना चाहिए।

जरूर पढ़े :- दिन में कितनी बार ब्रश करना चाहिए? 

► साइड-इफ़ेक्ट नहीं होता हैं

अगर आप दांतों की ब्लीचिंग किसी एक्सपर्ट डेंटिस्ट से करवाते हैं और दंत चिकित्सक सावधानी पूर्वक दांतों की वाइटनिंग ट्रीटमेंट करता हैं तो इसके साइड-इफ़ेक्ट होने का ख़तरा काफी कम हो जाता हैं। इसके अलावा इससे सेंसटिव दांतों पर इसका बुरा प्रभाव काफी कम होता हैं, यह प्रभाव कुछ घंटो से लेकर कुछ दिनों तक रह सकता हैं। लेकिन कई बार ब्लीचिंग में इस्तेमाल करने वाले केमिकल अगर मसूड़ो पर लग जाये तो इससे जलन होने लगती हैं।







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