दीपक जलाने से सम्बंधित कारगर ज्योतिष उपाय, जो जीवन की परेशानियो को करते हैं दूर।

दीपक प्रज्वलित करने के ज्योतिष उपाय, अर्थात दीया कब, कहाँ, कैसे और क्यूँ जलाना चाहिए, जिससे जीवक की सभी परेशानियां दूर होती हैं

क्या आप जानते है की रूई की बत्ती ही नहीं, बल्कि 5 अलग-अलग पेड़-पौधे की छाल से बनी हुई बत्तियों से दीपक प्रतिदिन जलाने से विपत्तियाँ दूर हो जाती हैं और जीवन में खुशहाली आती हैं। आइये जानते हैं दीपक जलाने के ऐसे कारगर ज्योतिष उपाय और टोटके, जिन्हें अजमाने से जीवन से जुड़ी हुई कई सारी परेशानियाँ और संकट दूर हो जाते हैं। आज के लेख में आप जानेंगे की ज्योतिष के अनुसार दीपक जलाने से क्या-क्या फायदे होते हैं और किन परेशानियों को दूर करने के लिए कौन सी दिशा में दीपक जलाना चाहिए।

रूई की बत्ती से दीपक जलाने के फायदे :-

रूई की बत्ती से दीया सभी लोग जलाते है, लेकिन क्या आपको रूई की बत्ती से दीपक जलाने के लाभ पता हैं?

■ रूई की बत्ती से दिया जलाकर पूजा करने से निश्चित रूप से भाग्योदय होता हैं।

■ रूई की बत्ती पर पीला चन्दन लगा दे और इसे सूखा दे, फिर घी के दिए में इस चन्दन लगी हुई रूई की बत्ती से दीपक जलाये, इससे माता पार्वती प्रसन्न होती हैं।

■ रूई की बत्ती को केसर के पानी में रंग कर सूखा कर, फिर घी के दिए में जलाया जाये तो इससे वैवाहिक जीवन सुखी बन जाता हैं।

■ 21 रूई की बत्तियों को एक साथ केसर में रंग कर सूखा कर 21 दिन लगातार घी के दीये में इसे कुंवारी कन्याएं जलाती हैं तो इससे उनके विवाह होने की संभावना जल्दी बनती हैं, साथ ही इससे उनका आने वाला वैवाहिक जीवन सुखी भी बनने लगता है।

■ अगर संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही हैं और संतान सुख में रुकावट आ रही हैं। तो रूई की बत्ती से घी का दीपक जलाने से फायदा होता हैं।

केले के पेड़ के रेशे से बनी बत्ती से दीपक प्रज्वलित करने के लाभ :-

केले के तने को खुरचने से रेशा प्राप्त होता हैं। यह फाइबर होता हैं, जिसे धूप में सुखा कर बत्ती बना ले। जब भी दीपक जलाना हैं तो इस रेशे को बत्ती की तरह तिल के तेल में या फिर घी के तेल के दीये में जलाए। ऐसा करने से बजरंगबली हनुमान जी की विशेष कृपा आपके परिवार पर बनी रहती है। इस उपाय को अजमाने से पाप-संताप से मुक्ति मिलती हैं, पूर्वजों का भी कल्याण होता हैं और पित्तर दोष समाप्त होते हैं।

■ केले के पेड़ की बत्ती से दीपक जलाने से स्वस्थ्य संतान का जन्म होता हैं।

■ इससे नए कामों में सफलता पाने में मदद मिलती हैं।

सावधानी :- परन्तु केले के पेड़ की बाती का एक जगह इस्तेमाल न करे। अगर विवाह या विवाह से जुड़ी हुई किसी मनोकामना के लिए दीपक जला रहे हैं तो कभी भी केले के रेशे की बत्ती से दीया न जलाये।

कमल की डंडी के रेशे की बत्ती से दीया जलाने के लाभ :-

कमल के फूल की डंडी जो की जल के निचे होती हैं, उसे सूखा कर घी या तेल के दीये में डालकर जलाया जाये तो माता लक्ष्मी साक्षात अपनी कृपा जातक पर बरसाती हैं।

■ इस बत्ती से दीपक प्रज्वलित करने से पूर्वजन्म में किये गये पापों से मिलने से वालें बुरे से बुरे परिणाम समाप्त होने लगते हैं। जिससे वर्तमान जीवन खुशहाल हो जाता है।

मदार (आक) के पेड़ की रूई से दीया जलाने के लाभ :-

मदार के पेड़ से भी रूई बनती हैं। मदार के पेड़ की भी रूई होती हैं, जिसे आक की रूई के नाम से जाना जाता हैं। इसमें छोटे-छोटे काले-काले दाने होते हैं। जिसे आपको निकालना पड़ेगा, फिर इस मदार के पेड़ से निकली रूई की बत्ती बना कर भगवान गणेश के सामने दिया जलाए। इससे भगवान गणपति की विशेष कृपा आपके पुरे परिवार को प्राप्त होती हैं। इससे घर में रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ की प्राप्ति होती हैं।

■ मदार के पेड़ से निकली रूई की बाती से दीया जलाने से दुर्भाग्य दूर होता हैं और आमदनी में बढ़ोतरी होती हैं।

■ इस सफेद मदार की रूई से बनी बत्ति से दीपक जलाने से कानूनी मामलों में सफलता मिलती हैं। इससे कोर्ट-कचहरी में विजय प्राप्त होती हैं। इससे न्याय पाने में आसानी होती है।

■ अगर कोई स्टूडेंट आईएस, आईपीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हैं और हर बार उसे इंटरव्यू के दौरान रिजेक्ट कर दिया जा रहा हो तो मदार की रूई की बत्ती से दीया 21 दिनों तक जलाए। इससे आपको सफलता जरूर ही प्राप्त होती हैं। इस उपाय को अजमाने से आप जो भी विषय पढेंगे वह आपके दिमाग में ज्यादा समय तक याद रहेगा। साथ ही इससे आपका आत्मविशवास और धैर्य भी बढ़ेगा हैं, जिससे आपको सफलता मिलने लगेगी। इसलिए विद्यार्थियों को यह कारगर ज्योतिष उपाय जरूर अजमाना चाहिए।

कितनी रूई की बत्ती से दीया जलाना चाहिए?

सामान्य दीपक में एक ही रूई की बाती से दीया जलाया जाता हैं। रूई की बत्ती से दीपक जलाने से सफलता तो मिलती ही हैं, ऐसा सनातन धर्म की मान्यता हैं।

◄ दो रूई की बाती को डालकर दीपक जलाने से जीवन में सुख-शान्ति आती हैं। इससे परिवार में एकता बनी रहती हैं।

◄ दीपक में 2 रूई की बत्तियां डाल कर जब कोई नवविवाहित दूल्हा अपने ससुराल में जाता हैं तो दोनों बत्तियों को एक सोने की सिक से मिला दिया जाये, तो यह विश्वास किया जाता हैं की इनका दाम्पत्य जीवन अत्यंत सुखमय रहेगा। 2 अलग-अलग बत्तियों को सोने की सलाई से अगर एक कर दिया जाये तो इसका मतलब यह हैं की अब इनका दाम्पत्य जीवन आजीवन सुखी रहेगा और दोनों में सामंजस्य हमेशा बना रहेगा।

◄ दीये में 3 रूई की बत्ती को डालकर ज्योति जलाने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।

◄ दीपक में 4 रूई की बाती हो तो यह चारों दिशाओं को दर्शाती हैं। चार बत्तियों से दीपक जलाने से चारों दिशाओं में सफलता मिलती हैं। साथ ही इससे माँ अन्नपूर्णा की सदैव कृपा आपके परिवार पर बनी रहती हैं। दीपक में रूई की बत्ती डालकर दीपक जलाने से सभी तरफ से धन वृद्धि होती हैं।

◄ दीपक में 6 रूई की बत्ती डाल कर ज्योति प्रज्वलित करने से ज्ञान में वृद्धि होती हैं। इससे स्वामी कार्तिकेय जी प्रसन्न होते है।

◄ बेटी का विवाह नहीं हो रहा हैं तो 7 बत्तियों वाला दीपक जला कर माँ विन्ध्यावाशनी की पूजा करनी चाहिए। इससे कन्या का विवाह शीघ्र ही तय होगा

◄ दीपक में 9 रूई की बाती डालकर प्रजवलित करने से 9 ग्रहों की शांती होती हैं। अगर आप 9 बत्ती वाले दीपक से माँ विन्ध्याचल देवी की पूजा-आरती करते हैं तो निश्चित ही आपको संतान की प्राप्ति होती हैं।

जानिए किस दिशा में दीपक जलाने से क्या लाभ होता हैं :-

1. अगर घर में आर्थिक परेशानियाँ यानी पैसों की तंगी के साथ-साथ शुभ कार्यों में रुकावट आती रहती हैं। घर के मालिक का प्रमोशन नहीं हो पा रहा हैं। घर के मुखिया की तरक्की नहीं हो पा रही हैं तो ऐसे में आपको पारे के गणेश लक्ष्मी जी की स्थापना दिवाली या धनतेरस के दिन अपने घर में करनी चाहिए और उसकी रोजाना 12 महीने तक पूजा करनी चाहिए। पूजा करने के बाद अपने घर की पूर्व दिशा में सफेद रंग का दीपक देशी घी में जला कर हर रोज सुबह और शाम को रखना चाहिए।

Mitti ka diya

2. शनि की महादशा, शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही हैं और परेशानी महसूस हो रही हैं तो शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए शनि देव का सरसों के तेल से अभिषेक करिए। अभिषेक करते समय ध्यान रखिये की शनि देव के पीछे खड़े होकर अभिषेक करिए, आगे खड़े होकर अभिषेक करने की गलती न करे। अपने घर के पश्चिम दिशा में काले रंग के दीये में घी डालकर शनी देव के लिए जलाइये। अगर घर के बाउंड्री में पश्चिम या पश्चिम-दक्षिण दिशा में शमी का पेड़ हैं तो यह दीया शमी के पेड़ के पास जलाने से भाग्योदय में चार-चाँद लग जाते हैं।

3. अगर बनते हुए काम बिगड़ जाते है तो घर की उत्तर दिशा में हरे रंग का दीया घी डाल कर जलाये।

4. अगर परिवार का कोई सदस्य मानसिक रूप से बीमार या डिप्रेशन का शिकार हैं तो उसकी सेहत को सुधारने के लिए घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में पीले रंग के दीपक में सरसों का तेल डालकर रोजाना शाम को जरूर जलाना चाहिए।

5. अगर परिवार में बार-बार एक्सीडेंट और दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन ईश्वर की कृपा से सब लोग बाल-बाल बच रहे हैं या फिर मान-सम्मान में गिरावट आ गयी हैं। तो घर दक्षिण दिशा में लाल रंग के दीपक मूंगफली का तेल डालकर जलाएं।

6. आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा हो गयी हैं और परिवार के बीच लड़ाई-झगड़े ज्यादा हो रहे हैं तो घर की उत्तर-पूर्व दिशा में बादामी रंग का दीपक घी डालकर जरूर जलाये।

7. वैवाहिक जीवन तनाव से गुजर रहा हैं। प्रेम में बाधाएं आ रही हैं तो घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण में लाल रंग का दीपक तिल का तेल डालकर जरूर जलाना चाहिए। इससे शुक्र से सम्बंधित दोष भी दूर हो जाते हैं।

8. अगर कुंडली में चन्द्रमा और केतु ग्रह का दोष बना हुआ हैं तो अपने घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में 2 रंगों में रंगा हुआ दीपक आप जरूर जलाए। इससे मानसिक तनाव और निर्णय लेने में होने वाला विलम्ब दूर होता हैं। इसके लिए आप तिल और सरसों के तेल का दीया जला सकते हैं।

जानिए हफ्ते में किस दिन दीपक जलाने से क्या होता हैं?

i) सोमवार के दिन दीपक जलाने का फायदा :-

• घर में सोमवार के दिन दीया जलाने से डर, क्रोध और चिंता दूर होती हैं।

• स्किन से रिलेटेड प्रॉब्लम्स हैं तो सोमवार के दिन घर में दीपक जलाने और शाम के समय शिवालय में दीया जलाने से स्किन से जुड़ी हुई बीमारियाँ दूर होती हैं।

• अगर दुसरो से खुद को निचा समझने वाली नकारात्मक सोच आपके अंदर आ गयी हैं तो सोमवार के दिन घी का दीपक जलाये। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी और आपके अंदर आत्म-विश्वास में वृद्धि होगी। ऐसा इसलिए की चंद्रमा मन का कारक हैं और उसकी कमजोर स्तिथि ही मनुष्य के मन में निराशा पैदा होती हैं। चंद्रमा के मजबूत होने से व्यक्ति सेल्फ-कॉन्फिडेंस से भर जाता हैं।

ii) मंगलवार के दिन दीया जलाने से :-

• मंगलवार के दिन घर में दीपक जलाने से विवाह-शादी में हो रही देरी, रुकावट, वैवाहिक जीवन में हो रहा क्लेश सभी कुछ समाप्त होने लगते हैं। केतु ग्रह के कारण आ रहा संकट दूर होता हैं।

iii) बुधवार को दीया जलाने पर

• बुधवार के दिन घर में दीपक प्रज्वलित करने से घर से बीमारियाँ दूर होती हैं। इससे सही समय पर गंभीर बीमारियों का पता भी चल जाता हैं। इससे छोटी-छोटी दवाइयां भी रामबाण की तरह काम करती हैं।

• बुधवार के दिन दीपक जलाने से विद्यार्थियों के बौद्धिक क्षमता का विकास होता हैं। अध्यात्म के क्षेत्र में लगे हुए लोगो का ज्ञानवर्धन होता हैं। इसी तरह से अगर पढ़ाई में रुकावट आ रही हैं और जीवन में अच्छे मित्रों की कमी हैं तो इस उपाय को अजमाने से फायदा होता हैं।

iv) बृहस्पतिवार के दिन दीपक जलाने के फायदे :-

• गुरूवार के दिन घर में दीया जलाने से संतान सुख की प्राप्ति होती हैं। यश और कीर्ति में बढ़ोतरी होती हैं, साथ ही आयु भी लंबी बनती हैं।

• गुरूवार के दिन दीपक जलाने से घर में ख़ुशी का माहौल रहता हैं। अविवाहित लोगो के शादी के योग बनते हैं। आप अपनी जिम्मेवारियों का, अपने बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेवारियों को सही तरह से निभा पाने में कामयाब रहते हैं।

v) शुक्रवार के दिन दीपक जलाने के फायदे :-

• शुक्रवार के दिन घर में दीया जलाने से पति-पत्नी के बीच सम्बन्ध मजबूत बनते हैं। साथ ही फिजूल खर्ची भी रूक जाती हैं।

• बिज़नेस में आ रही परेशानियाँ दूर होती है। अगर किसी स्त्री के कारण परिवार में परेशानी बनी हुई हैं। परिवार उस महिला के कारण परेशान हो रहा है, त्रस्त हो रहा हैं, मान-सम्मान खराब हो रहा हैं तो ऐसे लोगो को शुक्रवार के दिन दीया जरूर जलाना चाहिए।

vi) शनिवार के दिन दीपक जलाने का लाभ :-

• शनिवार के दिन घर में दीया जलाने से नजर दोष, जादू-टोने का दोष, भूत-प्रेत की बाधा यह सभी समस्याएं ठीक होती हैं। शनिवार के दिन घर में तेल का दीया जलाने से राहू दोष से भी मुक्ति मिलती हैं। नौकरी और कारोबार में आ रही परेशानियां भी दूर होती हैं।

• शनिवार के दिन दीपक जलाने से आयु लंबी होती हैं। ज्योतिष के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में शनि आठवें भाव में तुला राशी, मकर राशि या कुम्भ राशि का हैं, उनकी आयु 100 वर्ष तक होती हैं। अर्थात शनि स्वग्रही या उच्च का होकर मृत्यु भाव में बैठा हैं तो 100 वर्ष की आयु जातक की होती ही हैं।

vii) रविवार के दिन दीया जलने के फायदे :-

• रविवार के दिन दीया जलाने से सभी परेशानियाँ दूर होती हैं और पूर्वजों का आशीर्वाद भी आपके परिवार को प्राप्त होता हैं।

राशि के अनुसार किस तेल का दीपक कौन से दिन जलाना चाहिए?

राशी के अनुसार दीपक जलाना

1) मेष राशी :-

मेष राशी के जातकों के घर में अगर नेगेटिव एनर्जी ज्यादा हो गयी हैं और मेष राशी के जातक हमेशा उदास रहने लगे हैं तो इसे दूर करने के लिए हर दिन घर के मुख्यद्वार पर तिल के तेल का दीया जलाये। अगर मेष राशी के जातक शत्रुओं से परेशान रहते हैं तो उन्हें सरसों के तेल का दिया जलाना चाहिए।

दरिद्रता को दूर करने के लिए मेष राशी के जातक पीपल के पेड़ के निचे थोड़ी सी शक्कर चढ़ा कर अलसी के तेल का दीया बुधवार के दिन जरूर जलाए। इससे राहू-केतु का प्रकोप आपके जीवन से समाप्त होने लगता हैं।

कर्ज से मुक्ति पाने के लिए मेष राशि के जातकों को तिकोना मिट्टी का दीया लेकर उसमे सरसों का तेल डाल कर हनुमान जी के मंदिर में मंगलवार के दिन इस दीपक को जरूर जलाना चाहिए।

कर्ज से छुटकारा पाने के लिए कोल्हापुर की महालक्ष्मी माता का चित्र अपने पूजा घर में कमल गट्टे की माला पर रख कर उनके सामने घी का दीया केसर से रंगी हुई रूई की बत्ती से जरूर जलाइयेगा और श्री सुप्तम का पाठ करे। अगर जब भी आप समर्थवान बन जाये तो एक बार कोल्हापुर जाकर शुक्रवार के दिन माँ महालक्ष्मी का पूजन और दर्शन जरूर कीजियेगा। अगर आप बहुत बड़े धन संकट या कर्ज से डूबे हुए होंगे तो इससे निश्चित ही 100 दिनों के अंदर आपके जीवन की यह परेशानियां दूर होती हुई दिखाई देने लगेंगी।

2) वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातक अपने भाग्योदय के लिए अपने राशि स्वामी शुक्र के दिन शुक्रवार को पीपल के पेड़ की जड़ में मीठा दूध चढ़ा कर कपूर का दीया जरूर जलाये।

दरिद्रता दूर करना चाहते हैं और धन लाभ पाना चाहते है तो लक्ष्मी-नारायण मंदिर में घी का दीया जलाए।

वृषभ राशि के जातक को साल में एक बार वैष्णो देवी जाकर माँ वैष्णों के दर्शन जरूर करने चाहिए। माँ लक्ष्मी के साथ-साथ कमल के फूल की पूजा करके कमल का फूल माँ लक्ष्मी के श्री चरणों में अर्पित करे। अगर आप यह सभी उपाय करेंगे, साल में एक बार वैष्णो देवी जायेंगे तो माता वैष्णो देवी का आशीर्वाद आपको मिलेगा और आप दिन-दुगना रात-चौगुना उन्नति की सीढियाँ चढ़ने लगेंगे।

अगर आप वैष्णो देवी नहीं जा सकते हैं तो पिंडी के चित्र को अपने पूजा स्थान में लगाए। फिर चित्र पर श्रध्दापूर्व नित्य चन्दन लगाये और कपूर से आरती करे। इससे भी आपकी मनोकामना पूर्ण होने लगती है।

3) मिथुन राशि

मिथुन राशी के जातक अपनी किस्मत को जगाने के लिए भगवान गणेश को हल्दी और दुर्वा की माला पहना कर उनके सामने घी का 3 दीपक जलाये।

दरिद्रता को दूर करने के लिए बुधवार के दिन पीपल के पेड़ के निचे चमेली के तेल का दीया जरूर जलाये। अपने पूजा घर में गणेश जी के सामने घी का दीया जला कर उन्हें मिश्री का भोग लगाये।

अगर आप कभी चिंतपूर्णी माता के दर्शन के लिए जाये तो वहा पर तीन बत्तियो वाला दीपक जला कर माँ की आरती करे। इससे आपकी मानसिक चिंता दूर हो जाएगी और सोचा हुआ काम पूरा होने लगेगा।

4) कर्क राशी के जातक

कर्क राशि का स्वामी चन्द्रमा हैं। कर्क राशि वाले जातक अपनी सोई हुई किस्मत को जगाने के लिए 8 या 12 बारह मुखी बत्तियों का दीपक बना करके पीली सरसों के तेल का दीपक शिव मंदिर में शाम के समय जलाये।

दरिद्रता और दुःख दूर करने के लिए पीपल के पेड़ के निचे प्रत्येक सोमवार के दिन घी और कपूर मिला कर दीपक जलाये।

सभी सुखी की प्राप्ति के लिए पंछियों को 7 तरह का अनाज जरूर खिलाये। निश्चित रूप से यह एक ऐसा उपाय हैं जो आपके जीवन को बदल देगा।

5) सिंह राशि

सिंह राशी के जातक घर से दुःख-दरिद्रता मिटाने के लिए सुख-समृद्धि और यश की प्राप्ति करने के लिए रोजाना सुबह-शाम गाय के घी का दीया अपने घर के मुख्यद्वार पर जरूर जलाये।

रोग, क्लेश और दुखों से मुक्ति पाने के लिए रविवार के दिन पीपल के पेड़ के निचे सरसों के तेल या घी का दीया जरूर जलाये।

5 रुपये का सिक्का हमेशा अपने पर्स में जरूर रखे।

6) कन्या राशी

कन्या राशि वाले लोग बुधवार के दिन भगवान गणेश जी को हल्दी और दुर्वा की माला पहना कर उनके सामने 3 घी के दीपक प्रज्वलित करे।

दरिद्रता दूर करने के लिए बुधवार के दिन पीपल के पेड़ के निचे चमेली के तेल का दीया जरूर जलाये।

अपने पूजा घर में घी का दीपक नित्य जलाने से सभी सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती हैं। साथ ही भगवान गणेश को काजू, किशमिश और मिश्री का प्रसाद चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

7) तुला राशी

तुला राशी के जातक शुकवार के दिन पीपल के पेड़ के निचे मीठा दूध चढ़ा कर कपूर का दीया जलाये।

दरिद्रता दूर करके धन लाभ के लिए लक्ष्मी-नारायण मंदिर में घी का दीया जलाये। अगर मुमकिन हो सके तो साल में एक बार कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में जाकर माँ लक्ष्मी का दर्शन-पूजन करे और उनके श्री चरणों में कमल के फूल अर्पित करे।

8) वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशी के जातक घर में नेगेटिव एनर्जी को महसूस कर रहे हैं, जैसे की गमले में लगे पौधे सूख रहे हैं और घर के सदस्यों के चेहरों पर उदासी बनी रहती हैं, लोग एक दुसरे से चिल्ला कर बात कर रहे हो, कपड़ों से बदबू आ रही हो, तो निश्चित रूप से इन सभी परेशानियों को देखते हुए आपको घर की नेगितिविटी को दूर करना चाहिए। इसके लिए हर दिन अपने घर के मुख्यद्वार को एक लोटे जल से धो कर तेल का दीया जरूर जलाये।

दरिद्रता को दूर करने के लिए पीपल के पेड़ के निचे थोड़ी सी शक्कर रख कर अलसी के तेल का दीपक जलाए।

कर्ज से मुक्ति पाने के लिए तिकोना सरसों के तेल का दिया जरूर जलाये। हनुमान जी के मंदिर में मंगलवार के दिन दीपक जरूर जलाये। इसके अलावा जीवन में एक बार ज्वालादेवी जाकर दीपक जरूर जलाना चाहिए।

9) धनु राशी

धनु राशी वाले दुःख और दरिद्रता को दूर करने के लिए गुरूवार के दिन हल्दी वाला जल पीपल के पेड़ की जड़ में चढ़ा कर सरसों के तेल का दीया जलाये।

माँ लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए 10 बत्तियों वाला दीपक भगवान श्री हरी विष्णु के मंदिर में जरूर जलाये।

कर्ज से छुटकारा पाने के लिए हल्दी की माला (हल्दी की माला बाज़ार में रेडीमेड मिलती हैं) को भगवान गणेश जी को चढ़ानी चाहिए। जब आप हल्दी की माला को भगवान गणेश जी के गले में डालते हैं तो निश्चित रूप से उसी समय आपका दुर्भाग्य दूर हो जाता हैं।

10) मकर राशी

मकर राशी के जातक दरिद्रता को दूर करने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में जल और मिश्री मिला कर चढ़ाए और तिल के तेल का दीपक जलाए।

कर्ज और हर प्रकार की कष्टों से मुक्ती पाने के लिए रविवार के दिन भैरव मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीया जलाए। नींबू और कपूर भी अर्पित करे।

शनि देव का तिल के तेल से अभिषेक जरूर करे। लेकिन शनि देव के पीछे से ही उनका अभिषेक करे। क्योंकि शनि देव की दृष्टि में काफी ज्यादा तेज़ हैं, जिसका सामना त्रिलोक के बड़े-बड़े देवी-देवता भी नहीं कर पाते हैं। इसलिए शनी देव की आँखों से बचना चाहिए।

11) कुम्भ राशी के जातक

कुम्भ राशि के जातक माँ महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए शनिवार दिन पीपल के पेड़ की जड़ में शहद को पानी में मिला कर चढ़ाए। सरसों का तेल का दीया जलाये और 21 बार ‘ॐ शं शनिश्चराय नम:’ का जाप करते हुए पीपल के पेड़ की परिक्रमा करे।

शनि देव की कृपा पाने के लिए और हर तरह के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए शनिवार के दिन शनि मंदिर में काले तिल डाल कर सरसों के तेल का दीपक जलाए।

छोटी कन्याओं को पढ़ाई के सामान जैसे की पेन, किताब, कॉपी आदि का दान करे। इससे भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं

12) मीन राशी

अगर मीन राशी के जातक दुःख और दरिद्रता से घिरे हुए हैं तो उन्हें गुरूवार के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में हल्दी वाला जल चढ़ा कर सरसों के तेल का दीया जलाये।

भाग्य हमेशा आपका साथ दे और माँ लक्ष्मी की कृपा हमेशा आप पर बनी रहे, इसके लिए आप 10 मुखी (10 बातियों) वाले घी के दीपक को भगवान विष्णु के मंदिर में जरूर प्रज्वलित करे।

क़र्ज़ से मुक्ति पाना चाहते हैं तो भगवान गणपति को हल्दी की माला समर्पित करे। अगर आपमें सामर्थ्य हैं तो आप मुम्बई के सिद्धिविनायक मंदिर में जा कर भगवान गणेश को हल्दी की माला, लड्डू और दूर्वा एक बार जरूर चढ़ाये। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।



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