दुनिया का एकलौता मंदिर जहां राजा राम को दिन में 5 बार दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर

दुनिया का एकलौता मंदिर : जहां राजा राम को दिन में 5 बार दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर. World only Rama Temple where give Lord Rama to Guard of Owner.

चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्री राम जी का जन्मोत्सव बड़े ही धूम-धाम से भारत के शहरो और गाँवों में मनाया जाता हैं। वैसे तो भगवान राम के कई सारे प्रसिद्ध मंदिर आपको देखने के लिए मिल जायेंगे। लेकिन विश्व का एक ऐसा अनोखा मंदिर भी हैं, जहा पर भगवान श्री राम जी को राजा के रूप में पूजा जाता हैं। इस मंदिर की खास बात यह भी हैं की रोजाना यहाँ प्रभु श्री राम जी को पांचो पहर गार्ड ऑफ़ ओनर दिया जाता हैं। यानी की दिन भर में उन्हें 5 बार पुलिस के जवान बन्दूक से सलामी देते हैं। यह दुनिया का एकलौता और अनूठा मंदिर हैं, जहा पर सच में भगवान श्री राम राजा की तरह निवास करते हैं।

यह मंदिर 400 साल पहले बनाया गया हैं। यह मन्दिर बुंदेलखंड की राजधानी के रूप में मशहूर स्थान ओरछा में हैं। यहाँ पर 400 साल पहले प्रभु श्री रामचंद्र जी का राज्याभिषेक हुआ हैं और तभी से प्रभु श्री राम चन्द्र जी को यहाँ का राजा माना गया। यहाँ के नगर वासी भगवान की पूजा राजा के रूप में करते हैं। और सबसे बड़ी बात हैं की यहाँ पर मौजूद पुलिस राजा राम जी को दिन भर में 5 बार गार्ड ऑफ़ ओनर यानी शस्त्रों से सलामी देते हैं।

भगवान राजा राम जी का यह दरबार सरकार की राजधानी ओरछा में सुबह से ही शुरू हो जाता हैं। यहाँ पर रोजाना हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु अपने प्रिय भगवान राम जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहाँ के महाराजा मधुकर शाह ने अपना सारा राजपाट त्याग कर भगवान श्री राम के हाथो में अपनी सत्ता को सौंप दिया था।

ऐसी मान्यता हैं की जब भगवान राम के पिता दशरथ जी की एक तम्मना अधूरी रह गयी। वह अपने पुत्र राम जी का राज्यतिलक करना चाहते थे। लेकिन सतयुग में ऐसा नहीं हो सका। लेकिन यहाँ के पुजारियों का यह कहना हैं की कलियुग में दशरथ जी महाराज ने राजा मधुकर शाह के रूप में ओरछा में जन्म लिया और अपनी इच्छा को पूरा किया।

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ के जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर ओरछा नगर स्तिथ हैं। यहाँ के महाराजा मधुकर शाह जी भगवान श्री कृष्ण के परमभक्त थे और यहाँ की महारानी गणेश कुंवारी भगवान श्री राम की अनन्य भक्त थी। किवंतीयों के अनुसार एक बार महाराजा मधुकर साह ने मज़ाक मज़ाक में रानी गणेश कुंवारी से यह कहा दिया की तुम्हारे राम इतने ही ज्यादा महान हैं तो उन्हें ओरछा लेकर आओ। इस पर रानी ने दृढ निश्चय कर लिया और वह भगवान श्री राम को ओरछा लाने के लिए पैदल ही अयोध्या की ओर प्रस्थान कर गयी।

जब वह अयोध्या पंहुची तो वह लक्ष्मण घाट पर जाकर तपस्या करने लगी। भगवान राम बाल रूप में आये और वह रानी की गोद में बैठ गये। बाल रूप में प्रभु राम जी ने रानी से वरदान मांगने के लिए कहा। इस पर रानी ने भगवान श्री राम जी से कहा की अगर आप मुझसे प्रसन्न हैं तो कृप्या मेरे साथ ओरछा चले। इस पर भगवान राम जी ने कहा ठीक हैं, मैं तुम्हारे साथ ओरछा चलने के लिए तैयार हूँ, लेकिन एक शर्त हैं जहा पर में एक बार बैठ गया, वहा से फिर नहीं उठूँगा और वहीँ का राजा बन कर रहूँगा। तभी से भगवान श्री राम जी यहाँ के राजा बन गये।







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