दिवाली की तरह दुनिया में मनाये जाने वाले रोशिनी के त्यौहार।

दुनिया में दिवाली की तरह मनाये जाने वाले पर्व।

दिवाली का त्यौहार आते ही चारों ओर रोशिनी ही नज़र आने लगती हैं। बाज़ार सज जाते हैं और मिठाइयों की दुकानों पर तरह-तरह की मिठाइयां अपनी भीनी-भीनी खुशबू छोड़ने लगती हैं। लोग अपने घरो की सफाई करते हैं और अपने घरो को सुन्दर तरीके से सजाते हैं। पुरे भारतवर्ष को इस रोशिनी और खुशियों से भरे त्यौहार का इंतज़ार हर साल रहता हैं।

आखिर दिवाली क्यों मनाई जाती हैं?

इस त्यौहार को मनाने की पौराणिक कथा यह हैं की इस दिन भगवान श्री राम चन्द्र जी रावण का वध करके 14 वर्षो का वनवास भोग कर भ्राता लक्ष्मण और पत्नी देवी सीता जी के साथ अयोध्या वापिस आये थे। इस दिन कार्तिक मास की अमावस्या थी और लोगो ने भगवान श्री राम जी के आने की ख़ुशी में घरों में घी के दिप जला कर पुरे नगर को रोशिनी से भर दिया था। उसी दिन से इस त्यौहार को दीपावली के नाम से मनाया जाने लगा। दीवाली सिर्फ भारत में नहीं बल्कि कई दुसरे देशो में भी मनाई जाती हैं और दुनिया में कई ऐसे त्यौहार भी हैं जो दिवाली की तरह यानि की रोशिनी के त्यौहार के रूप में मनाये जाते हैं।

थाईलैंड में दिवाली

थाईलैंड में दिवाली को लाम क्रियोंघ के नाम से मनाया जाता हैं। इस दिन केले की पत्तियों से बने हुए दीपक और धुप को जलाया जाता हैं। उसके साथ कुछ पैसे रखे जाते हैं और इन जलते हुए दीयों को नदी के पानी में बहा दिया जाता हैं। यहाँ दिवाली पर असमान में जलते हुए गुब्बारे भी छोड़ने की परम्परा हैं।

लेस्टर की दिवाली

ब्रिटेन के खूबसूरत शहर लेस्टर में भी दिवाली बड़ी धूम-धाम से मनाई जाती हैं। वहा पर रहने वाले हिन्दू, सिख, और जैन समुदाय इस पर्व को बड़े ही आनंद और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।

दिवाली की तरह दुनिया में मनाये जाने वाले पर्व :-

इंग्लैंड

यह पर्व 1605 से मनाया जा रहा है जो कि ब्रिटेन में अलग ही मायना रखता है। आधी रात आते ही ऑटरी सेंट मैरी शहर रोशनी से प्रज्जवलित हो उठता है। इस फायर फेस्टिवल को हर साल 5 नवंबर को मनाया जाता है। डेवन के दौरान लोग सत्तरह फ्लैमिंग बैरल लेकर रोड पर मार्च करते हैं। झर्राटेदार बैरल और पटाखे हर उम्र के लोगों के हाथ में देखे जाते हैं, जो अंत में शहर के बीचों-बीच एकत्रित होकर बोनफायर भी जलाते हैं।

जापान

हर साल जनवरी माह में शुरू होने वाला ओनियो फेयर फेस्टिवल यहां का सबसे प्राचीन त्यौहार है। यहां फुकुओका में दिवाली जैसा प्रकाशमयी त्योहार धूमधाम से मनता है। इस दौरान छह मशाल जलाई जाती हैं जो कि आपदा को खत्म करने के प्रतीक के रूप में होती है। इसमें आग की बत्ती को मंदिर से निकाल कर दूसरे जगह तक ले जाया जाता है। जापानी खास तरह के सफेद कपड़े पहनकर टॉर्च को घुमाते हैं। आग से हैरतअंगेज करतब दिखाना इस फेस्टिवल को शुभ बनाता है।

स्कॉटलैंड

हर साल जनवरी के आखिरी मंगलवार को लेर्विक में एक प्रकाशोत्सव आयोजित किया जाता है जिसे वे अप हेली आ कहते हैं। यह वास्तव में दिवाली का ही रूप है। इस त्योहार में लोग प्राचीन समुद्री योद्धाओं जैसी ड्रेस पहने हाथ में मशाल लिए जुलूस निकालते हैं। पूरा शहर रोशनी से घिरा रहता है।

फ्लोरिडा

फ्लोरिडा के अल्टूना शहर में हर साल 31 अक्टूबर से 1 नवंबर मनने वाला सैमहेन फेस्टिवल बहुत शानदार होता है। भूतों के सम्मान में आयोजित इस त्योहार के दौरान बोन फायर जलाई जाती है। मनोरंजन और अलग-अलग थीम्स पर आयोजित होने के कारण बाहरी लोग भी यहां पहुंचकर हैरतअंगेज कारनामों का जमकर लुत्फ उठाते हैं।

कनाडा

कनाडा के न्यूफाउंड लैंड में 5 नवंबर को दिवाली की तरह एक रात आती है। यहां आतिशबाजी की खुशी के पीछे बताया जाता है कि अंग्रेज एवं आयरिश लोग अच्छी जिंदगी की तलाश में इधर आए थे और वही आज कनाडा कहलाता है। बोनफायर में मस्ती का आलम यह होता है कि लोग मकान और खिड़कियां भी रंग देते हैं।



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