धतूरे के फायदे, घरेलु नुस्खे और उपाय जानिए।

धतुरा के फायदे, नुकसान और उपाय

धतूरे का इस्तेमाल भगवान शंकर की पूजा में किया जाता हैं। वैसे तो धतुरा एक नशीला चीज़ हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसके इस्तेमाल से कई प्रकार की बिमारियों को दूर किया जा सकता हैं। आज के लेख में धतूरे के फायदे, इसके उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय आदि के बारे में जानेंगे। धतुरा भगवान शिव को अतिप्रिय हैं। धतुरा भगवान शिव को अर्पित करने से वह बहुत ही जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

धतूरे के फल, पत्ते, जड़, फूल सभी औषधीय गुणों से भरी हुई हैं। धतूरे के पत्ते गठिया की बीमारी के इलाज में मददगार होते हैं। धतूरे के वर्णन आयुर्वेद में ज़हरीले औषधि के रूप में किया गया हैं। लेकिन फिर भी आयुर्वेद धतूरे को बहुत ही काम की चीज़ मानता हैं और इससे कई तरह के रोगों के उपचार में लाभकारी मानता हैं। धतुरा के लाभ इतने ज्यादा हैं की इसका इस्तमाल आज कल दवाइयों को बनाने के लिए भी किया जाने लगा हैं। आइये धतूरे के औषधीय गुण, इसके फायदे और उपाय आदि के बारे में जानते हैं।

धतूरे के घरेलू नुस्खे, उपाय और फायदे :-

■ दर्द से छुटकारा दिलाये

धतूरे के फूल, पत्तियों और बीजों को पीस कर पेस्ट बनाये। इस पेस्ट को सरसों के तेल या तिल के तेल में पकाए। फिर इसे दर्द वाली जगह पर लगाये। ऐसा करने से दर्द से आराम मिलता हैं। क्योंकि धतूरे में दर्द-निवारक गुण पाए जाते हैं।

■ जुओं से छुटकारा दिलाये

अगर बालों में जुएँ हो गयी हैं तो 500 ग्राम सरसों के तेल में 250 ग्राम धतूरे की पत्तियों का रस मिला कर धीमी आंच पर पकाए। इसे तब तक उबाले, जब तक सिर्फ तेल ही बाकी रह जाये। जब तेल ही बच जाये तो इसे बोतल में भर के रख दे और नियमित रूप से इसे सिर पर लगाते रहे। इससे बालों की जुएँ और लिखें मर जाती हैं।

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■ गर्भधारण में सहायता करता हैं

धतूरे के फलों का चूर्ण लगभग 2.5 ग्राम की मात्रा में इसमें आधा चम्मच गाय का घी और शहद मिला कर रोजाना चाटना चाहिए। इससे स्त्रियों को जल्दी गर्भधारण करने में आसानी होती हैं।

■ गठिया के दर्द से निजात दिलाये

गठिया के दर्द से परेशान हैं तो धतूरे के पंचांग का रस निकाल कर उसे तिल के तेल में पकाए, जब तेल बाकी रह जाये तो इस तेल से मालिश करे। मालिश करने के बाद धतूरे के पत्ते दर्द वाली जगह पर बाँध दे। इससे गठिया के कारण जोड़ो में होने वाले दर्द से राहत पाने में मदद मिलती हैं।

■ कान का दर्द दूर करे

अगर कान में दर्द हो रहा हैं तो सरसों के तेल में गंधक और 500 ग्राम धतूरे के पत्तों का रस मिला कर धीमी आंच पर पकाए और इसे कान में डालना चाहिए। इस मिश्रण की 2 बूंदे ही कान में डालनी हैं। इससे कान में होने वाला दर्द गायब हो जाता हैं।

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बालों के लिए फायदेमंद :-

आज के युग में बालों से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होने लगी हैं। धतुरा बालों के लिए भी फायदेमंद होता हैं। अगर आपके बाल ज्यादा झड़ रहे हैं और आप गंजेपन के शिकार हो रहे है। तो घबराईये मत, बाल दोबारा उगाने के लिए आपको महंगी ट्रीटमेंट करवाने की भी जरूरत नहीं हैं। क्योंकि धतुरे के इस्तेमाल से बालों का झड़ना रोका जा सकता हैं और नए बाल भी उगने लगते है।

1. प्राचीन युग से ही धतूरे के बीजों का प्रयोग गंजेपन की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता रहा हैं। धतूरे के बीज का तेल निकाल कर गंजेपन वाली जगह पर लगाए। इससे उस जगह पर दुबारा से नए बाल उगने लगते हैं। लेकिन यह बीज काफी विषाक्त होते हैं, इसलिए इन्हें खाना नहीं चाहिए।

2. अगर बाल ज्यादा झड़ रहे हैं तो धतूरे के रस को सिर पर लगाये और इसे मले। ऐसा करने से गंजापन दूर होने लगता हैं। धतूरे के पत्तियों का लेप बना कर सिर पर लगाने से भी बालों का गिरना रूक जाता हैं।

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3. अगर आप बालों के गिरने, झड़ने और डैंड्रफ की समस्या से परेशान रहते है तो हफ्ते में एक बार धतूरे के फलों का रस सिर में जरूर लगाये। इससे बालों को पोषण मिलता हैं और नए बाल जड़ों से निकलने लगते हैं।

धतूरे के होने वाले अन्य फायदे :-

1) धतूरे की जड़ को सूंघने से मिर्गी की बीमारी में लाभ होता हैं।

2) इससे मासिक धर्म में हुई गड़बड़ियों को ठीक करने में मदद मिलती है।

3) धतूरे की पत्तियों का इस्तेमाल कई तरह की दिल की बिमारियों के उपचार में भी किया जाता हैं। लेकिन इसके लिए अच्छे एक्सपर्ट्स से सलाह लेनी जरूरी हैं।

4) धतूरे की पत्तियों से अस्थमा के इलाज में मदद मिलती है। पारम्परिक रूप से धतूरे की पत्तियों को मोड़ कर इसका धुँआ लेने से अस्थमा के उपचार में आसानी होती हैं।

5) धतूरे का पौधा एंटी-बैक्टीरियल होता हैं, आप इसे अपने बगीचे में भी लगा सकते हैं। यह दुसरे पौधों को कीटाणुओं से बचाए रखता हैं।

6) धतुरे के फल को जला कर मलेरिया के बुखार का उपचार किया जाता है। लेकिन इसका इस्तमाल करने से पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर ले लें।

7) यह नेत्र रोग और श्वसन तन्त्र और सांस से जुड़ी समस्याओं में बहुत ही ज्यादा फायदेमंद हैं। छाती, फेफड़े आदि में जमी हुई कफ को ख़त्म करने में यह उपयोगी हैं।

8) धतुरा हार्ट की एक्टिविटीज को कंट्रोल करता हैं। इसके इस्तेमाल से ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

9) धतुरा प्रति-रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली के मजबूत होने से मौसम के बदलने के कारण शरीर में होने वाली बिमारियों से बचने में मदद मिलती हैं।

जरूरी सावधानियां :-

चाहे धतुरा कई सारे औषधीय गुणों से भरा हुआ क्यों न हो। लेकिन यह एक ज़हरीला पौधा ही हैं और ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से बॉडी में रूखापन आ सकता हैं। ज्याद मात्रा में धतूरे का इस्तेमाल करने से सिरदर्द, पागलपन और बेहोशी जैसी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। धतूरे के नुकसान की बात करे तो इससे आँखें और चेहरे लाल हो जाते हैं, साथ ही इससे इंसान को चक्कर भी आने लगते हैं।

धतूरे से होने वाले नुकसान की बात करे तो इससे बॉडी का टेम्परेचर बढ़ सकता हैं। आँखों के आगे अँधेरा छा सकता हैं और मनुष्य को डबल दिखाई देने लगता है, यानी की एक ही चीज़ दो दिखाई देने लगती हैं। दरअसल धतुरा एक नशीला पदार्थ हैं। इसलिए इसके सेवन से मरीज़ रोने भी लगता हैं। नाड़ी कमजोर होकर अनियमित चलने लगती हैं। कई बार तो धतूरे के सेवन से मनुष्य की मौत भी हो सकती हैं। इसलिए इसका इस्तेमाल चिकित्सक के परामर्श अनुसार बड़ी ही सावधानी के साथ करना चाहिए।



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