नीम का रस (जूस) पीने के फायदे जानिए और इसे कैसे पीना चाहिए?

नीम के जूस के फायदे नीम के गुणों के बारे में आयुर्वेद में विशेष वर्णन मिलता हैं। नीम चाहे कितनी भी कड़वा क्यों न लगे, लेकिन जब हम इसके स्वास्थ्यवर्धक लाभ के बारे में बताते हैं, तो यह हमें प्रकृति का मनुष्य को दिया गया सबसे अच्छा वरदान साबित होता हैं। आज के लेख में हम नीम का जूस पीने के फायदे और नीम का जूस कैसे पीना चाहिए? इसके बारे में आपको बताएँगे। नीम के पत्तों की कड़वाहट की वजह से बहुत सारे लोग इन्हें चबा-चबा का खा नहीं पाते हैं, जबकि नीम का जूस एक सांस में पीने में आसानी महसूस होती हैं।

नीम के जूस को दवाई समझना चाहिए और इसे एक कप में डाल कर, नाक बंद करके एक सांस में पी लेना चाहिए। इससे सेहत को ढेर सारे फायदे होते हैं। Health Benefits of Neem Juice in Hindi.

 

नीम के रस के फायदे :-

■ आँखों के लिए लाभकारी

क्या आपको पता हैं नीम के रस की 2 बूंदे आँखों में नियमित रूप से डालते रहने से आँखों की रोशिनी तेज़ होती हैं। अगर आँख आने की समस्या हो गयी हैं तो नीम का रस आँखों में डालने से यह जल्द से जल्द दूर हो जाती हैं।

 ■ मलेरिया से निजात दिलाये

नीम का जूस मलेरिया की बीमारी को दूर करता हैं। नीम का रस मलेरिया के वायरस को रोकने में मदद करता हैं और इससे लीवर भी मजबूत बनता हैं। जिससे लीवर सही तरीके से काम कर पाता हैं।

■ गर्भावस्था में उपयोगी

गर्भावस्था के समय योनी में होने वाले दर्द को कम करने में नीम का रस काफी लाभकारी होता हैं। कई गर्भवती महिलाएं लेबर pain से छुटकारा पाने के लिए नीम के जूस से मालिश करती हैं। नयी बनी माँ को डिलीवरी के पहले दिन से ही नीम के पत्तियों का रस कुछ दिनों तक पिलाने से गर्भाशय संकोचन और खून की शुद्धि करने में मदद मिलती हैं। इसके अलावा गर्भाशय और उसके आस-पास की जगह पर होने वाली सूजन भी कम हो जाती हैं, नयी बनी माँ को भूख भी खुल कर लगती हैं, मलत्याग में भी आसानी होती हैं, उसे बुखार भी नहीं होता हैं, अगर बुखार आ भी जाये तो यह उतना ज्यादा तेज़ बुखार नहीं होगा। इसलिए नयी बनी माँ को नीम के पत्तो से बना जूस जरूर पिलाना चाहिए।

■ डायबिटीज में फायदेमंद

नीम का जूस प्रतिदिन पीने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता हैं। इसलिए अगर आप मधुमेह के रोगी हैं तो प्लीज नीम का जूस जरूर पीजिये।

■ पीलिया की बीमारी में फायदेमंद

नीम के पत्तों का रस और शहद को 2-1 के अनुपात से मिला कर पीने से पीलिया की बीमारी में लाभ मिलता हैं।

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■ पायरिया की बीमारी ख़त्म करने के लिए

पायरिया होने या दांतों में से खून निकलने पर नीम के तने की भीतरी छाल या पत्तो को पानी में उबाल ले, और इस पानी से कुल्ला करे। इससे पायरिया और दांतों में खून आने की समस्या से छुटकारा मिलता हैं। इसके अलावा यह दांतों एवं मसूड़ो को स्वस्थ्य बनाये रखने में भी मदद करता हैं। नीम के फूलों का काढ़ा बना कर पीने से भी पायरिया में लाभ होता हैं।

■ पिम्पल्स दूर करे

नीम में एंटी-इन्फ्लेमेंट्री तत्व होते हैं जो मुहांसों से छुटकारा दिलाते हैं। इसलिए नीम का जूस पीने से स्किन साफ़ बन जाती हैं, त्वचा का रंग निखरता हैं और कील-मुहांसे दूर हो जाते हैं।

■ चेचक के दाग मिटाए

चेचक के निशान मिटाने के लिए नीम के रस की मालिश करनी चाहिए। नीम का जूस पीने से स्किन की दूसरी बीमारियाँ जैसे की एक्जिमा और स्माल पोक्स से भी छुटकारा मिलता हैं।

■ बालों के लिए फायदेमंद

नीम का जूस पीने से एक तरफ जहा स्किन को फायदा मिलता हैं तो दूसरी ओर इससे बालों को भी लाभ मिलता हैं। इससे बाल काले, घने और चमकदार बन जाते हैं। बालों का गिरना भी कम हो जाता हैं।

■ शरीर की अंदरूनी सफाई करे

नीम का जूस पीने से शरीर की अंदरूनी रूप से सफाई हो जाती हैं। यह शरीर की अंदरूनी गंदगी को बाहर निकाल देता हैं। इससे पाचन तंत्र भी मजबूत बनता हैं। और तो और नीम का जूस पीने का सबसे बड़ा फायदा यह हैं की इससे खून की सफाई भी हो जाती हैं।

■ कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करे

नीम का रस पीने से ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती हैं। जिससे आपको दिल से सम्बंधित बिमारिया होने का खतरा काफी कम हो जाता हैं। नीम का रस महीने में 10 दिन तक पीने से हार्ट अटैक होने का ख़तरा काफी कम हो जाता हैं।


नीम का रस कैसे पीना चाहिए? इसे पीने के तरीके :-

नीम का रस कड़वा होता हैं, इसलिए इसे नाक बंद करके एक सांस में ही पी लेना चाहिए। लेकिन नीम के जूस को पीने के कुछ और भी तरीके हैं।

नीम के रस को पीने से पहले नाक को पूरी तरह से दबा देना चाहिए और इसे जल्दी-जल्दी पी लेना चाहिए।

नीम का जूस हमेशा सुबह के समय ही पीना चाहिए। इसकी कडुवाहट को कम करने के लिए आप इसमें थोड़ा पानी और हल्का सा नमक भी मिला सकते हैं।

नीम के जूस में आप थोड़ा सा मसाला भी मिला सकते हैं, इसके अलावा आप इसमें नमक और काली मिर्च भी मिला कर पी सकते हैं।

अगर आपको नीम की सुगंध बिलकुल भी पसंद नहीं हैं तो आप नीम के जूस को 15 से 20 मिनट के लिए फ्रीज में रख दे या फिर इसमें बर्फ के कुछ टुकड़े मिला ले और इसे गटागट करके पी जाये। हालांकि नीम के रस को हमेशा तुरंत निकाल कर ताज़ा-ताज़ा पीना ही सेहत के लिए अच्छा माना जाता हैं। और एक बात कभी भी नीम के रस को 30 मिनट तक स्टोर करके नहीं रखना चाहिए, जितना जल्दी हो सके, उतना जल्दी नीम के ताज़े रस को ही पीना आपके लिए अच्छा रहेगा।

नीम के रस में कभी भी चीनी मिला कर नहीं पीना चाहिए।








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