शराबीपन यानि पियक्कड़ होने के यह होते हैं लक्षण।

शराबीपन यानि पियक्कड़ होने के यह होते हैं लक्षण।

अगर आप यह जानना चाहते हैं की शराबी कैसे होते हैं? मतलब की शराबीपन यानी पियक्कड़ होने के लक्षण क्या हैं तो यह लेख जरूर पढ़े। अगर निचे बताये गये लक्षण किसी व्यक्ति में दिखाई दे तो ऐसा समझना चाहिए, की वह व्यक्ति पक्का शराबी हैं।

शराबीपन (पियक्कड़, शराबी) होने के लक्षण :-

भोजन के बदले शराब को प्राथमिकता देना

शराबी बन्दे हमेशा भोजन भी शराब के साथ ही खाते हैं। वह खाना भी शराब पीने के लिए खाते हैं। पियक्कड़ होने का लक्षण यह भी हैं की व्यक्ति चाहे खाना खाना भूल जाये, लेकिन शराब पीना नहीं भूलता हैं। वह भोजन के अपेक्षा शराब को ज्यादा तरजीह देते हैं।

पीने के लिए बहाने बनाते रहना

जब भी किसी शराबी को शराब पीना छोड़ने के लिए कहा जाये तो वह हमेशा ही बहाने बनाने लगता हैं। वे लगातार पीने के लिए कोई न कोई बहाना ढूंढ लेता ही हैं। जैसे की आपको तो पता है की हैं मनुष्य का जीवन सुख और दुःख के साथ बीतता हैं। ऐसे में शराबी बन्दे शराब पीने के लिए कभी ख़ुशी तो कभी गम का हवाला देते हैं। उनका यह मानना होता हैं की ख़ुशी के मौके पर शराब पीनी तो बनती हैं और गम को भुलाने के लिए शराब मदद करती हैं। ऐसे में पियक्कड़ होने के लक्षण यह भी की वह किसी भी मौके पर शराब पीने का बहाना ढूंढता ही रहता हैं।

शराब न मिलने पर चिड़चिड़े हो जाना

अगर कोई व्यक्ति नशे की लत का शिकार हो गया हैं यानी शराब पर उसकी निर्भरता ज्यादा बढ़ गयी हैं तो ऐसा व्यक्ति अगर एक दिन भी दारु नहीं पीता हैं तो वह काफी ज्यादा चिडचिडापन महसूस करने लगता हैं। उसे शारीरिक रूप से काफी ज्यादा कठिनाई महसूस होने लगती हैं। अगर वह व्यक्ति शराब न पिए तो उसे ज्यादा पसीना भी आने लगता हैं, उसका हार्ट बीट रेट तेज़ हो जाता हैं और कई बार तो उसे ऐसा लगने लगता हैं की जैसे की उसकी मौत ही हो जाएगी। अगर किसी व्यक्ति के साथ ऐसा महसूस होने लगे तो उसे यह मानना चाहिए की वह शराब की बुरी लत का शिकार हो गया हैं।

शराबियों को लगता हैं की उन्हें कोई भी परेशानी नहीं हैं

शराबियों के मन में बहुत ही गलत धारणाएं बनी हुई होती हैं। पियक्कड़ों को यह हमेशा लगता हैं की उन्हें कोई परेशानी नहीं हैं, वे सोचते हैं की अगर अपना काम खत्म करने के बाद थोड़ी सी दारु पी ली जाये तो इसके क्या बुरा हैं?

खुद को अलग कर लेते हैं

अगर कोई व्यक्ति पुरी तरह से शराबी बन चूका हैं तो वह कई सारे समारोहों से खुद को पुरी तरह या आंशिक रूप से अलग कर लेता हैं। उसके लिए फैमिली मेम्बर्स, बर्थडे पार्टी, डिनर्स यह सभी कोई मायने नहीं रखते हैं। वे अपने आपको अलग इसलिए कर लेते हैं, ताकि वह अपनी मर्ज़ी से,  बिना किसी रोकटोक के खूब सारा शराब पी सके।

कई शराबी लगातार नहीं पीते हैं, लेकिन पीना शुरू करने के बाद कण्ट्रोल नहीं करते

कई शराबी ऐसे भी जो लगातार तो नहीं पीते हैं, लेकिन एक बार जब पीना शुरू कर दे, तो पीना बंद करने का नाम ही नहीं लेते हैं। ऐसे पियक्कड़ आदमी एक बार शराब की बोतल खोल दे तो वे बेकाबू होकर पीने लगते हैं और जब तक पुरी बोतल ख़त्म न हो जाये पीते ही रहते हैं।

लत को छुपाने के लिए झूठ बोलते हैं

ऐसे पियक्कड़ लोग शराब की लत को छुपाने के लिए जूठ बोलने लगते हैं। जैसे की अगर वह घर से बाहर शराब पीने के लिए चले गये हो, तो घर पे वापिस आ कर यह कहेंगे की ट्रैफिक में फँस गया था या ऑफिस में आज देर हो गयी। या फिर यह कहेंगे की सैर करने जा रहा हूँ। यानी की शराब पीने के लिए वह अपने परिवार के सदस्यों से झूठ बोलते ही रहते हैं।

कुछ याद ही नही रहता हैं

शराब पीने के कारण शराबियों की याददाश्त कमजोर हो जाती हैं। उनकी याददाश्त इतनी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं, की अगर उन्होंने पी न रखी हो तो उन्हें कुछ याद ही नहीं रहता की उन्होंने क्या किया हैं। वे किन लोगो से मिले हैं या उन्होंने क्या बात की थी।







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