पूजा करते समय जरूर रखे इन बातों का ध्यान।

पूजा करते समय जरूर रखे इन बातों का ध्यान।

सभी लोग सुख और समृद्धि की कामना करके अपने अपने इष्ट देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। पूजा करने से मन को शान्ति प्राप्त होती हैं और साथ ही हम अपनी मनोकामनाये अपने इष्ट को बताते हैं। पूजा करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत हैं। अगर आप पूजा करते समय कुछ गलतियाँ कर देते हैं तो आपकी मनोकामना पूर्ण नहीं होगी और कई बार इससे आपको अशुभ फल भी प्राप्त हो सकते हैं। इसलिए पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन करना अति आवश्यक हैं। आइये जानते हैं की पूजा करते समय कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए? ताकि पूजा सही से हो पाए और आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सके।

पूजा करते समय इन बातों का रखे ध्यान :-

■ पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर की दिशा की ओर मुंह करके करनी चाहिए। पूजा करने के लिए सुबह 6 से 8 बजे का समय श्रेष्ठ समय माना जाता हैं।


■ किसी भी ताम्बे के बर्तन या लोटे में चन्दन, चन्दन का पानी या चन्दन का लेप कभी भी नहीं रखना चाहिए।


■ भगवान शिव की पूजा में केतकी के फूलों का इस्तेमाल करने से भगवान शिव आप पर क्रोधित हो सकते हैं। केतकी के फूल शिवजी की पूजा में निषेध हैं।


■ पूजा हमेशा आसन पर बैठकर ही करनी चाहिए। बैठने के लिए ऊनी आसन सबसे उत्तम आसन माना जाता हैं।


■ देवी-देवताओं की मूर्तियों के सामने कभी भी पीठ करके नहीं बैठना चाहिए।


■ तुलसी के पत्ते कभी भी भगवान गणेश, भगवान शंकर और भैरव जी को नहीं चढ़ाना चाहिए।


■ कभी भी एक दीये की लौ से दूसरा दीया यानि की दिपक नहीं जलना चाहिए। शास्त्रों में वर्णित हैं की एक दिपक से दुसरा दिपक जलाने वाला व्यक्ति रोगी हो जाता हैं।


■ कभी भी खंडित या टूटी हुई मूर्तियों की पूजा नहीं करनी चाहिए। मंदिर से टूटी या खंडित हुई मूर्तियों को हटा देना चाहिए और इन्हें किसी पवित्र नदी में प्रवाह कर देना चाहिए। हिन्दू धर्म में खंडित मूर्तियों की पूजा करना अशुभ माना जाता हैं। लेकिन शिवलिंग को किसी भी अवस्था में खंडित नहीं माना जाता हैं।


■ घर के मंदिर में सुबह और शाम को दीया जरूर जलाना चाहिए।


■ रविवार के दिन कभी भी दुर्वा (एक किस्म की घास) को नहीं तोड़ना चाहिए।


■ सूर्य भगवान को कभी भी शंख से जल का अर्घ्य नहीं देना चाहिए। इसी तरह शिवलिंग पर भी शंख से जल चढ़ाना वर्जित माना गया हैं।


■ रविवार और बुधवार के दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।


■ घर के मंदिर में पर्दा जरूर लगाना चाहिए। घर के मंदिर में कभी भी देवी-देवताओं के साथ अपने पूर्वजों की फोटो आदि नहीं लगानी चाहिए। कई लोग मंदिर में अपने माता-पीता और पितरों आदि के चित्र भी लगा लेते हैं, ऐसा करने से आपको अशुभ फल प्राप्त होते हैं।


■ भगवान को अर्पित किये जाने वाले फूलों को कभी भी हाथ में रख कर अर्पित नहीं करना चाहिए, बल्कि इन फूलों को आप किसी पात्र में रखे और उसी पात्र की सहायता से ही इन फूलों को अपने इष्टदेव पर अर्पित करे।


■ गणेश, दुर्गा, सूर्य, शिव और विष्णु, यह सभी पञ्चदेव कहलाते हैं। इनकी पूजा सभी कार्यो में अनिवार्य रूप से करनी चाहिए। रोजाना पूजा करते समय इन पंचदेव का ध्यान जरूर करे। इससे आपको माँ लक्ष्मी जी की भी कृपा प्राप्त होती हैं।


■ पुरुषो और स्त्रियों को कभी भी अपवित्र अवस्था में शंख नहीं बजाना चाहिए। अगर वो ऐसा करते हैं तो वहां से लक्ष्मी जी रुष्ट हो कर चली जाती हैं।


■ अगर आप विष्णु भगवान् की पूजा करने के लिए तुलसी के पत्ते तोड़ने जा रहे हैं तो हमेशा स्नान करके के तुलसी के पत्ते को तोड़े। अगर कोई व्यक्ति बिना नहाये तुलसी के पत्ते को तोड़ता हैं तो पूजन में इस्तेमाल किये गये इन तुलसी की पत्तियों को भगवान स्वीकार नहीं करते हैं।


■ कभी भी रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रांति और शाम के समय में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।


■ विष्णु भगवान की 4, गणेश जी की 3, सूर्य भगवान की 7, माँ दुर्गा की 1 और शिवजी की आधी परिक्रमा करनी चाहिए।


■ पूजाघर में 1, 3, 5, 7, 9 और 11 इंच तक की मूर्तियाँ आप रख सकते हैं। इससे बड़ी मूर्तियाँ घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए। खड़ी अवस्था में गणेश जी, लक्ष्मी जी और सरस्वती जी की मूर्तियाँ कभी भी घर के मंदिर में न रखे। यानी की इनकी मूर्तियाँ ऐसी होनी चाहिए, जिसमे यह तीनो देवी-देवता बैठे हुए हो।

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