पूजा के लिए सुबह का समय श्रेष्ठ क्यों है?

पूजा के लिए सुबह का समय श्रेष्ठ क्यों है?

भगवान की पूजा के लिए सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। वैसे तो दिन में कभी भी सच्चे मन से परमात्मा की आराधना की जा सकती है, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व है, क्योंकि सुबह-सुबह हमारा मन एकाग्रचित्त रहता है। नींद से जागने के बाद मन शांत और स्थिर रहता है। इधर-उधर की बातों से हमारा दिमाग बचा रहता है। भगवान की भक्ति के लिए मन की एकाग्रता बहुत जरूरी है।

दिन में अशांत हो जाता है मन

सुबह के बाद किसी और समय में हम कई कार्य करते हैं जो कि हमारे मस्तिष्क को पूरी तरह प्रभावित करते हैं। इन कामों से मन अशांत हो जाता है, कई बार बुरी और अधार्मिक बातों में मन उलझ जाता है। ऐसे में पूजा कर पाना काफी मुश्किल होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ब्रह्म मुहूर्त को पूजन आदि कर्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

सुबह पूजा करने से मिलते हैं ये लाभ

भगवान ऐसी पूजा से ही प्रसन्न होते हैं, जहां शांति हो और किसी भी प्रकार की अधार्मिक बातें ना हो। सुबह की गई पूजा के प्रभाव से हमारे मन को इतना बल मिलता है कि दिनभर के सारे तनाव हम आसानी से सहन कर सकते हैं। दिमाग तेजी से चलता है और हम एक साथ कई योजनाओं पर कार्य कर पाते हैं। इसी वजह से सुबह-सुबह पूजा करने की परंपरा बनाई गई है।

Tags :- Puja ke liye subah ka samay hi kyon accha hota hain? why morning is best time for worship? did you know ? Kya aap jante hain. क्या आप जानते हैं की सुबह के समय ही पूजा क्यों की जाती हैं? 







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