जानिए विभिन्न प्रकार के पेड़ों की छाल से होने वाले बेहतरीन फायदे।

पेड़ों की छाल से सेहत को वाले बेहतरीन फायदे

मनुष्यों को प्रकृति ने पेड़-पौधों के रूप में कई सारे औषधीय दवाइयां प्रदान की हैं। जिनकी मदद से कई सारी बिमारियों का इलाज किया जा सकता हैं। हमारे आसपास ऐसे पेड़ मौजूद हैं, जिनकी केवल छाल के इस्तेमाल से ही कई सारे रोग दूर हो जाते हैं। आइये जानते हैं ऐसे पेड़ों के बारे में जिनके छाल, पत्तों और जड़ों का इस्तेमाल करने से सेहत को होते हैं कमाल के फायदे, विशेषकर इन पेड़ों की छाल का प्रयोग करने के लाभ आदि के बारे में जानते हैं।

पेड़ों की छाल से होने वाले फायदे

अशोक के पेड़ के फायदे

अशोक के पेड़ के बारे में कहा जाता हैं की यह शोक का नाश करने वाला हैं। अशोक के पेड़ के निचे बैठने से शोक खत्म होने लगता हैं। अशोक की छाल और अशोक के फूल को बराबर मात्रा में मिला कर रात को पानी में भिगो कर रख ले और सुबह इस पानी को छानकर पिए। इस उपाय को अजमाने से खूनी बवासीर में आराम मिलता हैं। अशोक की छाल का काढ़ा 40 से 50 ml पीने से खूनी बवासीर जड़ से ख़त्म होने लगती हैं।

इसके अलावा अशोक की छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बना ले और इसमें सरसों का तेल मिला कर फोड़े-फुंसी पर लगाये। इससे फोड़े-फुंसी ठीक होने लगते हैं। अशोक के चूर्ण की 1 चम्मच मात्रा में मिश्री मिला कर गाय के दूध के साथ लेने से स्त्रियों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं से मुक्ति मिलती हैं।

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बबूल का पेड़

बबूल के पेड़ के अपने ही फायदे हैं। यह यौ_ रोगों के इलाज में मददगार हैं, साथ ही मूंह की बिमारियां भी दूर करता हैं। स्त्रियों में होने वाला बांझपन और पुरुषो में होने वाला स्पर्म काउंट की कमी से मुक्ति दिलाता हैं। 400 ml पानी में 20 ग्राम बबूल की छाल को तब तक उबाले, जब तक पानी 100 ml न रह जाये, फिर इस पानी को दिन में 2 से 3 बार पीने से पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होना कम हो जाता हैं।
इसके अलावा 40 ml नीम की छाल के काढ़े में बबूल के छाल का काढ़ा मिला कर पीने से ल्यूकोरिया के इलाज में मदद मिलती हैं। बबूल की छाल के पाउडर को पानी में उबाल कर गार्गल करने से मूंह के छालों से आराम मिलता हैं। स्किन जल गयी हैं तो बबूल के पेड़ की छाल का पाउडर में नारियल का तेल मिला कर स्किन पर लगाये, इससे जलन दूर होने लगती हैं।

अर्जुन के पेड़ की छाल

अर्जुन के पेड़ की छाल का इस्तेमाल ब्लॉक हुई दिल की धमनियों को खोलने और कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए किया जाता हैं। इसके लिए 1 चम्मच अर्जुन की छाल के पाउडर को 2 गिलास पानी में तब तक उबाले जब तक पानी आधा न रह जाये। फिर इसे छान कर ठंडा होने के बाद सुबह शाम पीये।

अर्जुन की छाल के पाउडर को मेहँदी में मिला कर लगाने से बालों को काला बनाने में मदद मिलती हैं। अर्जुन की छाल का काढ़ा बना कर पीने से रक्त विकार दूर हो जाते हैं। अर्जुन की छाल को उबाल कर कपड़े से छानकर मूंह में रख कर चूसने से बढ़ी हुई हार्ट बीट रेट कम होने लगती हैं।

बरगद के पेड़ की छाल

बरगद का पेड़ भारत का राष्ट्रीय पेड़ ऐसे ही नहीं हैं। इसके पत्तों से लेकर जटाए सभी महत्वपूर्ण हैं। बवासीर से राहत पाने के लिए बरगद के पेड़ की छाल के काढ़े को गाय के घी और खांड में मिला कर पीना चाहिए। बरगद के पेड़ की छाल और जटा का चूर्ण खाते रहने से डायबिटीज को कण्ट्रोल करने में मदद मिलती हैं। दांत में दर्द हो रहा हैं तो बरगद के पत्तों से निकलने वाले दूध को दांतों में लगाने से काफी आराम मिलता हैं। इससे मूंह की बदबू भी दूर हो जाती हैं और दांत के कीड़े भी मर जाते हैं

बरगद के पेड़ की छाल को छाया में सूखा कर चूर्ण बना ले और इस चूर्ण को मिश्री के साथ मिला कर गाय के दूध के साथ लेने से याददाश्त को बढ़ाने में मदद मिलती है। बरगद के पेड़ के नर्म पत्तियों को तेल में पकाकर बालों में लगाने से सभी तरह की हेयर प्रॉब्लम्स से छुटकारा मिलता हैं। वट वृक्ष की पत्तों की राख को अलसी के तेल में मिला कर सिर में लगाने से नए बाल उगने लगते हैं। बरगद के पेड़ की छाल का चूर्ण रोजाना 2 से 5 ग्राम मात्रा में सुबह शाम पानी के साथ लेने से मसूड़ो की सूजन दूर होती हैं, यह मूंह के छालों को भी ठीक कर देता हैं।

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गजपीपली की छाल

इसे मैदा की लकड़ी के नाम से भी जाना जाता हैं। हड्डी टूटने, चोट-मोच, सूजन, सायटिका, गठिया और कमर दर्द से आराम पाने के लिए गजपीपली के छाल के चूर्ण का लेप बना कर लगाने से फायदा होता हैं। गजपीपली की छाल के चूर्ण की 1 चम्मच मात्रा में 1 चम्मच हल्दी मिला कर दूध के साथ 10 दिन तक पीने से मोच, चोट आदि के दर्द गायब हो जाते हैं।

छिले हुए घावों पर इसकी ताज़े या सूखे ताने को घीस कर घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरने लगता हैं।

नीम के पेड़ की छाल

नीम का पेड़ कुदरत का दिया हुआ वरदान हैं, जो कई प्रकार की बिमारियों को दूर करता हैं। इसके छाल या पत्तियों को घिसकर स्किन इन्फेक्शन में लगाने से लाभ होता हैं। स्किन पर दाद-खाज, खुजली हो गयी हैं तो इसके छाल को पानी में घिसकर लगाये। नीम की छाल का चूर्ण खाना खाने से पहले रोजाना 1 चम्मच लेने से डायबिटीज को कण्ट्रोल करने में आसानी होती हैं।







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