प्रेगनेंसी पीरियड में तिल खाने से गर्भवती महिला को होते हैं यह बेहतरीन फायदे।

प्रेगनेंसी पीरियड में तिल खाने से गर्भवती महिला को होते हैं यह बेहतरीन फायदे।

प्रेग्नेंट महिला के लिए तिल बहुत ही फायदेमंद हैं। वैसे आम धारणा यह हैं की प्रेगनेंसी के समय गर्भवती स्त्री को तिल का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। क्योंक तिल की तासीर गर्म होती हैं जो शरीर में गर्मी को पैदा करती हैं। जिससे शरीर का अंदरूनी बैलेंस ख़राब हो जाता हैं। कई लोगो का यह विश्वाश हैं की प्रेगनेंसी पीरियड्स में तिल का सेवन करने से गर्भपात और premature डिलीवरी भी हो सकती हैं। इसलिए गर्भवती महिला को तिल खाने से बचना चाहिए। लेकिन इस विश्वास को सिद्ध करने के लिए कोई खास प्रमाण मौजूद नहीं हैं।

विश्व भर में ऐसी गर्भवती स्त्रियाँ हैं जो तिल और तिल से बने खाद्य पदार्थो का सेवन करती हैं। और उन्हें तिल से कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं हुआ हैं। तिल में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं और अगर आप दूध या ड्राई फ्रूट्स को नहीं खा सकती हैं तो तिल आपके लिए अच्छा आहार बन सकता हैं। गर्भावस्था के दिनों में तिल का सेवन करना नुकसानदायक हैं, यह एक मिथ हैं। अभी तक कोई भी साइंटिफिक रीज़न नहीं मिला हैं की प्रेगनेंसी में तिल खाना हानिकारक होता हैं। आइये जानते हैं गर्भावस्था के दिनों में तिल खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं, इनके बारे में जानते हैं।

प्रेगनेंसी में तिल खाने के फायदे :-

1. तिल के बीज न्यूट्रीएंट्स का भंडार हैं, बॉडी की इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं। सर्दियों के दिनों में तिल का सेवन करने से सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार से बचने में मदद मिलती हैं।

2. तिल के बीजों का सेवन करने से दांतों की समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती हैं।

3. तिल कैल्शियम, एमिनो एसिड, विटामिन बी, सी, ई और प्रोटीन से भरपूर होते हैं। यह सभी पोषक तत्व गर्भवती महिला के लिए जरूरी माने गये हैं।

4. प्रेगनेंसी पीरियड में मूत्र बार-बार आने की समस्या होती हैं। तिल के बीज नेचुरल तरीके से पेशाब के उत्पादन को नार्मल बनाने का काम करते हैं।

5. तिल का सेवन करने से टेंशन और मानसिक कमजोरी को कम करने में मदद मिलती हैं।

6. गर्भावस्था के समय गर्भवती महिलाओं में कैल्शियम की कमी होने का खतरा ज्यादा रहता हैं। तिल के बीज कैल्शियम क अच्छा स्रोत माने गये हैं।

7. तिल नेचुरल एनर्जी बूस्टर फ़ूड हैं। यह मसल्स और नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाता हैं और बॉडी को फिट रखने के साथ ही बॉडी के एनर्जी लेवल को भी बढ़ाता हैं।

8. प्रेगनेंसी के समय पेट में कब्ज़ होने की समस्या आम बात हैं। इससे बचने के लिए तिल का सेवन करना चाहिए। इससे मल नर्म बनता हैं और मल त्यागने में आसानी होती हैं।

तिल को खाने के तरीके :-

■ सलाद, दाल, रायता, सूप, सब्जी आदि पर तिल के बीजों को छिड़क कर खाया जा सकता हैं।

■ पुदीने और धनिये के पत्तों के साथ तिल के कुछ बीजों को मिला कर पीस कर चटनी बना कर सेवन किया जा सकता हैं।

■ तिल का सॉस बना कर ताज़ा सब्जियों के साथ मिला कर खाए।

■ तिल के लड्डू या तिल की चिक्की या तिल की रेवड़ी आदि को मिठाई के रूप में भी खाया जा सकता हैं।

चेतावनी :- तिल को खाने से पहले आपको इस बात का ज्ञान होना चाहिए, की आपको तिल से कोई एलर्जी न हो। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान तिल का सेवन सिमित मात्रा में ही करे। गर्भवती महिला को सभी खाने पीने वाली चीज़ों को एक सिमित मात्रा में लेना चाहिए। इसके अलावा अगर आप तिल नहीं खाना चाहती हैं तो इसमें कोई हर्ज़ नहीं हैं। यानी की तिल का सेवन करना आपकी मर्ज़ी पर निर्भर करता हैं। वैसे कई सारे डॉक्टर का यह मानना हैं की तिल के सेवन से nausea यानि मतली आने की समस्या हो सकती हैं। ऐसे में ज्यादातर डॉक्टर प्रेगनेंसी के शुरुवाती 3 महीने तक गर्भवती महिला को तिल न खाने की सलाह देते हैं।







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