बबूल (कीकर) के पेड़ के फायदे और घरेलु नुस्खे जरूर जानिए.

Babool ke ped ke fayde. Benefits & home remedies of Babool tree in Hindi.

बबूल का पेड़ लोग अपने खेतो के किनारे या बाग़ बगीचों के किनारे लगाते हैं. क्योंकि इस पेड़ में कांटे होते हैं, इसलिए यह पेड़ दुसरे लोगो, जानवरों और चोरों से आपके खेत और बगीचे की रक्षा करता हैं. लेकिन यह बबूल का पेड़ औषधीय गुणों की खान हैं. आइये जानते हैं हैं बबूल के पेड़ के क्या फायदे होते हैं? Benefits of Babool tree in Hindi.

बबूल को इंग्लीश में Vachellia nilotica कहते हैं, इसे आम बोलचाल में बबूल, बबूर , कीकर आदि नामो से भी जाना जाता हैं. इसका पेड़ कांतो से भरा होता हैं. लेकिन इसके बावजूद यह गुणों की ख़ान हैं. इस पेड़ की मुलायम टहनियो को घरो में दातुन बना कर प्रयोग किया जाता हैं. बबूल से ना केवल दाँत साफ रहते हैं बल्कि अनेक प्रकार की बीमारिया भी दूर होती हैं. बबूल कफ़ और पित्त नाश करने वाला होता हैं.

इसका गोंद पित्त और वात का नाश करने वाला होता हैं, यह जलन को दूर करने वाला, घाव को भरने वाला, रक्त शोधक का काम करने वाला हैं. बबूल की पत्तिया, गोंद और छाल सभी चीज़े बड़ी ही काम की हैं.

आइए जानते हैं बबूल या कीकर के फायदे :-

1. डायरिया :- बबूल के अलग-अलग भाग डायरिया को दूर करने में मदद करते हैं. बबूल की ताज़ी पत्तियो को सफेद और काले जीरे के साथ पीस कर 12 ग्राम दिन में तीन बार खाने से डायरिया ठीक हो जाता हैं. इसी तरह इसकी छाल से बने काढ़े को दिन में 3 बार पीने से भी फायदा होता हैं.

2. दांतो की परेशानी :- रोजाना बबूल की छाल को दातुन बना कर चबाने से लाभ मिलता हैं. इससे मसूड़ो की सडन और दांतो से खून आना दूर होता हैं. इससे गंदे दांतो को भी साफ किया जा सकता हैं. आप दांतो को साफ करने के लिए 60 ग्राम बबूल का कोयला, 24 ग्राम रोस्ट की हुई फिटकरी और 12 ग्राम काला नमक मिक्स करके मंजन करे.

3. एक्जिमा :- 25 ग्राम बबूल की छाल और आम की छाल को 1 लीटर पानी में उबाल कर एक्जिमा वाले जगह की भाप से सेकाई करे. सेकाई के बाद उस भाग पर बाद में घी लगा दे. इसके अलावा बबूल के पत्तो को पीस कर एक्जिमा वाली स्किन पर लगाने से बीमारी में लाभ मिलता हैं.

4. टॉन्सिल्स :- बबूल की छाल का गरम काढ़ा बनाइए और उसमे काला नमक मिला कर गररा कीजिए. इससे टॉन्सिल्स तुरंत ठीक हो जाता हैं.

5. आँख आने पर :- रात को सोने से पहले Conjunctivitis वाली आँखों पर बबूल के ताज़े पत्ते पीस कर लगाए और इसे किसी साफ कपड़े से बाँध दे. दूसरी सुबह आँखों से लालिमा और दर्द ख़त्म हो जाएगा.

6. आँखों से पानी आना:- 250 ग्राम बबूल की पत्तियो को पानी में तब तक उबाले जब तक पानी एक चौथाई नही रह जाता हैं. फिर इस पानी को एक साफ पानी के साथ किसी बर्तन में भर ले. इसके बाद आप सुबह-शाम अपनी आँखों की पलके को इससे धोए.

7. लिकोरिया :- इस रोग को ठीक करने के लिए बबूल की छाल का प्रयोग किया जाता हैं. बबूल की छाल का काढ़ा बना कर प्रयोग करे.

8. खाँसी में लाभदायक :- बबूल की मुलायम पत्तियो को पानी में उबाल कर दिन में 3 बार पीने से खाँसी और सीने का दर्द ठीक हो जाता हैं. आप चाहे तो बबूल की गोंद को मूह में रखकर चूस सकते हैं.

9. चोट लगने या जलने पर :- बबूल की पत्तियो को घाव लगने, जलने या चोट लगने पर इस्तेमाल किया जाता हैं. यह दाग लगने से रोकता हैं. बबूल की पत्तियो को पीस कर लगाए.







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