बवासीर (पाइल्स) का नेचुरल तरीके से इलाज कैसे करे?

 बवासीर (पाइल्स) का नेचुरल तरीके से इलाज कैसे करे?

पाइल्स यानि बवासीर किसी भी उम्र में हो सकती हैं। यह पुरुषो और महिलाओं दोनों को हो सकती हैं। यह एक सिचुएशन होती हैं जिसमे गुदाद्वार की आसपास की नसों में सूजन और जलन होने लगती हैं। बवासीर की बीमारी बहुत ही ज्यादा दर्दनाक मानी जाती हैं।

बवासीर का इलाज नेचुरल तरीके से करना :-

बवासीर होने पर व्यक्ति के गुदाद्वार में ज्यादा दर्द होता हैं, खास करके तब जब व्यक्ति टॉयलेट करता हैं। कई बार तो मलत्याग करते समय खून भी निकलने लगता हैं, जिसे खूनी बवासीर कहा जाता हैं।

बवासीर होने पर खुजली, जलन और दर्द महसूस होने लगता हैं। कभी कभी बवासीर का इलाज नेचुरल तरीके से किया जा सकता हैं, लेकिन ज्यादा सीरियस मामलो में ऑपरेशन करवाने की जरूरत पड़ती हैं।

ज्यादातर मामलों में लोग बवासीर होने पर डॉक्टर के पास जाने से कतराते हैं। वह इसे काफी शर्मनाक बीमारी मानते हैं और बवासीर का इलाज घर में ही घरेलु नुस्खे और उपाय के द्वारा करना चाहते हैं। लोगो के मन में यह सवाल होता हैं की घर पर ही बवासीर का उपचार सही तरीके से कैसे किया जाये?

जो भी इलाज आप बवासीर का घरेलु तरीके से आप कर रहे हैं, उसे जड़ से ख़त्म करने के लिए करे, न की बवासीर के लक्षणों को। ज्यादातर लोग प्रासंगिक उपचार करना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे जल्दी आराम मिलता हैं। वे बवासीर के मस्सों पर क्रीम लगा लेते हैं, जिससे तुरंत आराम मिल जाता हैं। हालांकि यह आराम बहुत थोड़े समय के लिए होता है और कई बार तो क्रीम लगाने के बाद भी प्रॉब्लम वैसी की वैसी बनी रहती हैं।

दुसरा तरीका यह हैं की आप एक टब में गर्म पानी डाले और इसमें सेंधा नमक मिलाये। फिर बारी-बारी से गर्म और ठंडे पानी में बैठने से आपको काफी लाभ होगा। इससे सूजन और खुजली से राहत मिलेगी। पॉटी करते समय पैरों को स्टूल का सहारा दे, जिससे आप आसानी के साथ मल त्याग कर सकते हैं।

एक्सरसाइज और योग करने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होगा। जिससे पाचन तन्त्र भी बेहतर होता हैं। इससे बवासीर ठीक होने में मदद मिलती हैं। इसके अलावा अपने हाथ के नाख़ूनो को छोटा रखे और बवासीर वाली जगह पर खुजलाने से बचे। अगर आप उस जगह पर खुजली करते हैं तो इससे वहां इन्फेक्शन भी हो सकता हैं।

ज्यादा देर तक टॉयलेट में न बैठे और मल त्याग करते समय ज्यादा जोर लगाने से भी बचे। जब भी आपको पॉटी लगे तो बिना देर किये टॉयलेट में जाये, इसे रोक कर रखने की कोशिस न करे। हमेशा सूती जांघिया पहनना चाहिए।

अगर आप उपर बताई गयी सावधानियों को अपनाएंगे तो घर पर बवासीर का उपचार नेचुरल तरीके से कर पाएंगे। अगर यह समस्या ऐसे ही बनी रहती हैं तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।







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