बढ़े हुए हार्ट रेट को कम करने के तरीके, उपाय और नुस्खे।

बढ़े हुए हार्ट रेट को कम करने के तरीके, उपाय और नुस्खे।

हार्ट रेट को पल्स रेट भी कहा जाता हैं। हार्ट रेट दिल की धड़कन होती हैं। इस धड़कन को एक मिनट में दिल के धड़कने पर काउंट किया जाता हैं। इन्ही धड़कनो को ही हार्ट रेट कहते हैं। एक स्वस्थ्य व्यसक मनुष्य की नार्मल हार्ट रेट 60-80 धड़कन प्रति मिनट होती हैं। जबकि एथलीट्स में यह हार्ट रेट कम यानी की 40 मिनट प्रति मिनट के हिसाब से होती हैं। दिल की लय और ब्लड फ्लो को पॉवर देने के लिए हार्ट रेट जरूरी होता हैं।

बढ़ी हुई हार्ट रेट को Tachycardia एक व्यस्क में प्रति मिनट लगातार 100 से ज्यादा बार दिल धड़कता हैं। जिससे दिल के रोग, किडनी की बीमारियाँ और स्ट्रोक होने की सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। जब किसी व्यक्ति का हार्ट रेट बढ़ जाता हैं तो उसमे पसीना आना, उल्टी या मितली आने के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। हार्ट रेट यानि ह्रदयगति का बढ़ना एक गंभीर समस्या हैं, जिसमें लापरवाही नहीं बरती जा सकती हैं। लेकिन इससे घबराने की भी जरूरत नहीं हैं, क्योंकि केला और किशमिश ऐसे आहार हैं। जिनकी मदद से बढ़े हुए हार्ट रेट को कम किया जा सकता हैं। आइये जाने ह्रदयगति (हार्ट रेट) को कम करने के लिए किशमिश और केला कैसे खाए?

केले खा कर हार्ट रेट को कम करने का तरीका :-

केला पोटैशियम से भरा हुआ आहार हैं, जो हार्ट रेट को नार्मल बनाये रखता हैं। पोटैशियम की कमी होने पर मसल्स में ऐंठन और एनर्जी की कमी हो जाती हैं। जिसके कारण हार्ट बीट रेट बढ़ जाता हैं। केले में 96 कैलोरी में 400 mg पोटैशियम होता हैं। यह दैनिक जरूरत का 11% पोटैशियम हैं। साथ ही केले में एक मिलीग्राम से कम सोडियम होता हैं। जिन लोगो को कम सोडियम वाला आहार खाने की इच्छा हैं तो उनके लिए केला सबसे बेस्ट हैं।

हालांकि की सोडियम भी बॉडी के लिए जरूरी मिनरल्स में से एक हैं। लेकिन शरीर को इसकी बहुत कम मात्रा की जरूरत पड़ती हैं। इसलिए ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए डॉक्टर नमक का सेवन कम करने की सलाह देते हैं। केले में सिर्फ एक मिलीग्राम जितना ही सोडियम पाया जाता हैं। इसलिए दिल के रोगियों को केला खाने की सलाह डाइट एक्सपर्ट देते हैं। इसी प्रकार किशमिश में भी सोडियम कम मात्रा में होता हैं।

किशमिश के प्रयोग से बढ़े हुए हार्ट रेट को कम करे :-

किशमिश पोटैशियम का बढ़िया स्रोत हैं। इसमें 1000 mg से भी ज्यादा पोटैशियम पाया जाता हैं। हार्ट रेट (दिल की धड़कन) तेज़ होने पर एक गिलास दूध में 10 ग्राम किशमिश और एक चम्मच मिश्री मिला कर उबाले। जब दूध उबल जाये तो इसे थोड़ा ठंडा करले और फिर किशमिश को खा जाये। फिर ऊपर से दूध को पी ले। लगातार 15 दिन तक इस उपाय को अजमाते रहे। इससे ह्रदय की तेज़ गति को कम करने में आसानी होती हैं। इससे दिल को भी ज़बरदस्त फायदा होता हैं। यह हार्ट बीट रेट को नार्मल बनाने का रामबाण उपचार हैं।

हार्ट रेट को नार्मल बनाये रखने के उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय :-

अपनी डाइट में दूध को जरूर शामिल करे। यह कैल्शियम का बेस्ट सोर्स हैं। कैल्शियम की कमी होने से भी हार्ट रेट बढ़ सकता हैं। इसलिए तेज़ ह्रदयगति को कम करने के लिए डाइट में कैल्शियम से भरपूर चीज़ों को खाने की सलाह दी जाती हैं।

मैग्नीशियम से समृद्ध आहार जैसे की कद्दू आदि का सेवन करने से हार्ट रेट को करने में आसानी होती हैं। मैग्नीशियम एक ऐसा मिनरल हैं जो हार्ट रेट को कण्ट्रोल में रखने का काम करता हैं।

ब्राज़ील नट्स जैसा ताकतवर नट विटामिन्स और मिनरल्स से भरा हुआ हैं। इसमें विशेष रूप से मैग्नीशियम ज्यादा मात्रा में होता हैं। जो नेचुरल तरीके से बढ़ी हुई दिल की धड़कन को कम करने में मददगार हैं। इसलिए हार्ट रेट तेज़ हो गया हैं तो इस नट का सेवन जरूर करे।

दिल को हेल्दी रखने के लिए बादाम भी काफी ज्यादा फायदेमंद होता हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन्स से भरा हुआ ड्राई फ्रूट हैं। जो दिल की बीमारियाँ, ख़राब कोलेस्ट्रॉल लेवल और भोजन की लालसा को कण्ट्रोल में रखता हैं।



अगर लेख अच्छा लगा हो तो निचे सोशल मीडिया बटन से अपने दोस्तों में शेयर करना न भूले, क्योंकि आपका एक शेयर इस वेबसाइट को आगे जारी रखने के लिए हमें प्रेणना देगा...

इन्हें भी जरूर पढ़े...