मांसपेशियां क्या हैं और कसरत करने से इनपर क्या प्रभाव पड़ता हैं?

मांसपेशियां क्या हैं और नियमित कसरत करने से इनपर क्या प्रभाव पड़ता हैं?

क्या आप जानना चाहते हैं की मांसपेशियां क्या हैं? मांसपेशियों को हम इंग्लिश में Muscles कहते हैं। आज के लेख में हम जानेंगे की मांसपेशियां यानि की मसल्स क्या होते हैं? यह कितनी प्रकार की होती हैं? और अगर हम नियमित रूप से कसरत या एक्सरसाइज करते हैं तो हमारी मांसपेशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता हैं? What is Muscles (Gk in Hindi), How many types of Muscles & what will effect of Exercise on Muscles? Full health information in Hindi. तो चलिए जानते हैं :-

मांसपेशियां क्या हैं?

मांसपेशियों शरीर को रूप प्रदान करती हैं। इसके साथ ही यह शरीर की गति यानि की मूवमेंट में भी सहायता करती हैं। जो भी शरीर में काम जैसे की चलना, फिरना, उछलना, दौड़ना, सांस लेना होता हैं, यह सभी काम मांशपेशियों की गति के फलस्वरूप हैं।

मांसपेशियों के प्रकार

1) स्वैच्छिक (Voluntary)
2) अनैच्छिक (Involuntary)

• स्वैच्छिक मांसपेशियां

स्वैच्छिक मांसपेशिया या मसल्स व्यक्ति की इच्छा के अनुसार चलते हैं। यह हड्डियों के पिंजर के ऊपर लगे हुए होते हैं और टांगो और बाजुओं में पाए जाते हैं। इनको जैसी सूचना मिलती हैं यह उसी प्रकार काम करते हैं। इनका काम शरीर को गति (movement) देना, शरीर के ढाँचे को संभाल कर रखना और शरीर में गर्मी पैदा करना हैं।

• अनैच्छिक मांसपेशियां

यह मसल्स व्यक्ति के वश में नहीं होते हैं और व्यक्ति की इच्छा के बगैर ही अपना काम करते रहते हैं। इस प्रकार की मासपेशियाँ दिल, जिगर और अंतड़ियों आदि में पाई जाती हैं। यह आपके सोने के बाद भी अपना काम करती रहती हैं। इनका काम ब्लड सर्कुलेशन को चलाना, पाचन क्रिया में सहायता करना और सांस लेते रहने में मदद करना आदि होता हैं। इनके लक्षण सिकुड़ना, फैलना और लचक हैं।

नियमित व्यायाम करने पर मासपेशियाँ पर क्या असर पड़ता हैं?

1) नियमित कसरत करने से मासपेशियाँ ज्यादा काम करती हैं। व्यायाम के दौरान उन्हें ज्यादा ऑक्सीजन मिलता हैं और पौष्टिक खुराक खाने से यह भारी बनती हैं और इनके बीच रेशो की नसें मोटी और लम्बी बनती हैं।

2) प्रतिदिन कसरत करने वाले व्यक्ति की मासपेशियों में काम करने के लिए ज्यादा तालमेल पैदा होता हैं।

3) एक्सरसाइज करने से मसल्स में ताकत आती हैं, जिसके फलस्वरूप लम्बे समय तक काम करने से थकावट महसूस नहीं होती हैं।

4) कसरत करने से मासपेशियों को ज्यादा काम करना पड़ता हैं। इसलिए ज्यादा काम करने के कारण ऑक्सीजन की खपत भी ज्यादा होती हैं। इस प्रकार मसल्स में रक्त तेज़ी के साथ पहुचता हैं।

5) कसरत के कारण शरीर में हलचल होती रहती हैं। इस हिलने डुलने के कारण मसल्स को ऑक्सीजन की मात्रा मिलती रहती हैं और शरीर से फ़ालतू पदार्थो को बाहर निकाला जाता हैं। इससे शरीर का तापमान भी सही रहता हैं।

6) कसरत के कारण मसल्स को पौष्टिक तत्व के रूप में ज्यादा रासायनिक पदार्थ जैसे की ग्लाइकोजन, फासफोकराटिन और पोटैशियम मिलते रहते हैं, जिससे रक्त संचार की गति में बढ़ोतरी होती हैं।

7) कसरत की वजह से मास पेशियों में तेज़ी और लचक आती हैं, जिससे शरीर सुडौल, ताकतवर और लचकीला बनता हैं। इस लचक और तेज़ी के परिणाम स्वरूप शरीर में क्रियाएं करने के लिए संतुलन का विकास होता हैं।








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