मेटाबोलिज्म के बारे में पूरी जानकारी.

मेटाबोलिज्म के बारे में पूरी जानकारी.

 

Metabolism kya hota hain? Full information about Metabolism in Hindi. मेटाबोलिज्म (चपाचय) क्या होता हैं और यह हमारे शरीर  के लिए क्यों जरूरी हैं? इसके बारे में पूरी जानकारी चाहिए तो यह आर्टिकल जरूर पढ़े.

आजकल मेटाबॉलिज्म के धीमे या तेज होने को लेकर कुछ न कुछ नए शोध होते रहते हैं। और इन शोधों के कारण एक नई बहस छिड़ गई है कि मेटाबॉलिज्म हमारी सेहत को किस तरह से प्रभावित करता है। इससे जुड़े कुछ सवालों के जरिए आइए जानते हैं मेटाबॉलिज्म को और भी बेहतर तरीके से :

मेटाबॉलिज्म क्या होता है?

यह हमारे शरीर के बायोकेमिकल प्रक्रिया का कुल योग होता है। इसके तहत श्वसन क्रिया, वसा के संग्रह, मांसपेशियों के बनने, पाचन और रक्तसंचार जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, जिनकी गणना की जाती है।

 

मेटाबॉलिक दर क्या होती है?

यह कैलोरी बर्न करने की दर होती है, जो हमारा शरीर एक्सरसाइज के दौरान या फिर आराम की स्थिति में बर्न करता है। मेटाबॉलिक दर भोजन, व्यायाम, हमारे आस-पास का तापमान, उम्र, जेंडर, भावनात्मक स्थिति, हॉर्मोनल लेवल, मासिक चक्र और गर्भावस्था आदि से प्रभावित होती है।

 

शरीर का मेटाबॉलिज्म किसके द्वारा संचालित होता है?

थायरॉइड ग्लैंड के द्वारा स्रावित होने वाले हॉर्मोन्स शारीरिक प्रक्रिया के लिए जरूरी होते हैं। ये मेटाबॉलिक प्रक्रिया और वृद्धि को नियंत्रित करने का काम करते हैं। थायरॉइड हॉर्मोन हार्ट रेट, शरीर के तापमान, ब्लड प्रेशर, भोजन को ऊर्जा में बदलने और अन्य प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है।

 

पुरुष या महिला किनका मेटाबॉलिक दर अधिक होता है?

पुरुषों में मांसपेशियों का अनुपात महिलाओं की तुलना में अधिक होता है लेकिन फैट कम होता है, इस वजह से सामान्य तौर पर पुरुषों का मेटाबॉलिक रेट अधिक होता है।

 

क्या खाना मेटाबॉलिज्म के अनुकूल होता है?

चूंकि शरीर प्रोटीन को पचाने और उसे प्रोसेस करने में अधिक ऊर्जा खर्च करता है इसलिए हाई प्रोटीन डाइट मेटाबॉलिक दर को बढ़ाने का काम करती है। कुछ खाद्य जिनमें सैचुरेटेड फैट अधिक होता है, वे भी मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने का काम करते हैं।

 

मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के लिए क्या किया जा सकता है?

डिहाइड्रेशन के कारण मेटाबॉलिज्म की दर कम हो सकती है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में नमी प्रदान करने से आपको कैलोरी बर्न करने में अधिक मदद मिलेगी। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और आपका शरीर अधिक मात्रा में कैलोरी बर्न करता है, एक्सरसाइज या आराम के दौरान भी। एरोबिक्स, एक्सरसाइज मेटाबॉलिज्म को प्रेरित करने का काम करता है, यहां तक कि वर्कआउट खत्म करने के घंटों बाद भी।

 

क्या हाइपोथायरॉइडिज्म मेटाबॉलिज्म की गति को प्रभावित करता है?

हाइपोथायरॉइडिज्म का मतलब है थायरॉयड हॉर्मोन का सामान्य से कम स्तर। इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं और कई अन्य बीमारियों से मेल खाते हुए भी। जिन लोगों को थायरॉइड से संबंधित समस्या बहुत गंभीर नहीं है तो उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं। जैसे ही स्थितियां बिगड़ने लगती हैं मेटाबॉलिज्म की दर कम होने लगती है।



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