लिव इन रिलेशनशिप में रहने के फायदे

Live in relationship mein rahne ke fayde

लिव इन रिलेशनशिप में रहने से आपको यह पता लगाने में आसानी होती हैं, की आपका रिश्ता कितना ज्यादा मजबूत होगा। या यह भी कहा जा सकता हैं की इससे आपको यह पता चल जाता हैं की आपकी रिलेशनशिप कितनी देर तक चलेगी। चाहे भारतीय समाज में लिव इन रिलेशनशिप में रहना बुरा क्यों न माना जाता हो, लेकिन लिव इन रिलेशनशिप में रहने के कुछ फायदे तो है ही।

लिव इन रिलेशनशिप में रहने के फायदे

■ कानूनी उलझन से आजाद होना

लिव इन रिलेशनशिप शादी की तरह कानूनी मान्यता वाला रिश्ता नहीं हैं। इसलिए इससे जुड़े कानूनी उलझने से जूझने में आपको मजबूर नहीं किया जा सकता हैं। हां यह बात सच हैं की लिव इन रिलेशनशिप में ब्रेकअप होने से आप इमोशनली दर्द महसूस करते है, लेकीन शादी टूटने के कारण तलाक लेने के कानूनी दावपेंच से आप बच जाते हैं। कई बार कानूनी जटिलता के कारण आपको तलाक लेने में काफी ज्यादा मुश्किल आती हैं और आप बिना किसी मन के अपने रिश्ते को धोटे रहते हैं।

■ सम्मान पाने की फ्रीडम

लिव इन में रहने के कारण आप अपने पार्टनर पर आर्थिक, कानूनी और समाजिक रूप से डिपेंड नही रहते हैं। ऐसे में दोनों पार्टनर यह हमेशा जानते है की रिश्ते से बाहर निकलने का मार्ग हमेशा खुला हुआ हैं। इसलिए वे एक दुसरे के सेल्फ-रेस्पेक्ट का हमेशा ध्यान रखते हैं। हां कई बार यह अपवाद भी हो सकता हैं, जैसा की हर रिश्ते में होता है की ऐसा हुआ, वैसा हुआ आदि। चाहे लिव इन रिलेशनशिप हो या भी शादी दोनों में प्रेम, विश्वास और आदर का होना जरूरी हैं। वरना दोनों कभी भी टूट सकते हैं। बस मैरिज में जो कम्पलीकेशन होते हैं, वह लिव इन रिलेशनशिप में कम होते हैं।

■ सफाई देने की स्वतंत्रता

लिव इन रिलेशनशिप में शादी की तरह एक दुसरे को जवाबदेही नहीं देनी पड़ती हैं। इसलिए आप किसी खास बात के लिए कोई जवाब देने के लिए मजबूर नहीं होते हैं। बेशक आप क्या कर रहे हैं और आपने क्या किया, इसके बारे में आप अपने पार्टनर से शेयर कर सकते है, लेकिन उन्हें स्पष्टीकरण देने की जरूरत आपको पड़ती ही नहीं हैं। इस कारण आप अपनी स्पेस को पूरा एन्जॉय कर पाते हैं। जबकि शादी में बंधने के बाद आपको अपने पार्टनर को किसी भी बात का सपष्टीकरण देना जरूरी होता हैं। जबकि लिव इन रिलेशनशिप में आप आजाद होते हैं।

■ आर्थिक रूप से आज़ाद होना

लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े न ही एक दुसरे के उपर आर्थिक रूप से निर्भर रहते हैं। न ही वह एक दुसरे का आर्थिक बोझ उठाने के लिए जिम्मेवार होते हैं। रिश्ता ख़त्म होने पर पैसे की परेशानी किसी को नहीं होती हैं। इसमें आप अपनी ख़ुशी के अनुसार अपने पार्टनर पर पैसा खर्च कर सकते हैं। आप इसके लिए मजबूर नहीं होते है की आपको कितना पैसा खर्च करना है। साथ ही आपका पार्टनर भी आप पर आर्थिक रूप से कोई सवाल नहीं उठा सकता हैं।

■ समाजिक जिम्मेदारियों से आजादी मिलना

जब आप लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं तो इससे आप पहले ही समाजिक बन्धनों का बहिष्कार कर चुके होते हैं। ऐसे में शादी के साथ आने वाली समाजिक बन्धनों से आप मुक्त हो जाते हैं। आपके उपर परिवारिक और सामाजिक किसी भी तरह का कोई नियम लागू होता ही नहीं हैं। जबकि शादी के बाद आपको सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेवारियों को निभाने का तनाव आपके उपर हमेशा बना रहता हैं। जबकि लिव इन में आप अपनी पर्सनल स्पेस को अच्छी तरह से एन्जॉय कर पाते है। आप अपने खर्चे शेयर कर सकते हैं और रिश्ते-नातों से जुड़ी हुई मजबूरियों से आप पूरी तरह से आजाद होते हैं।







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