ल्यूकोरिया के इलाज के लिए उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय।

 ल्यूकोरिया के इलाज के लिए उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय।

ल्यूकोरिया जिसे श्वेत प्रदर के नाम से भी जाना जाता हैं। इसे अंग्रेजी में वेजाइनल डिस्चार्ज के कहा जाता हैं। यह बीमारी महिलाओं को होती हैं। ल्यूकोरिया होने के चांसेस तब बढ़ जाते हैं जब महिला सहवास के बाद योनी को पानी से नहीं धोती हैं या फिर जो महिलाएं ज्यादा गर्भपात करवाती हैं, उनको ल्यूकोरिया होने का खतरा सबसे ज्यादा होता हैं।

ल्यूकोरिया होने पर महिलाओं की योनी मार्ग से सफ़ेद, गाढ़ा, बदबूदार और चिपचिपा सा पदार्थ निकलने लगता हैं। इस वाइट डिस्चार्ज को ही लिकोरिया (श्वेतप्रदर) कहा जाता हैं। इस बिमारी के कारण योनी के आसपास खुजली भी महसूस होने लगती हैं, जिससे आपका जीवन खराब हो सकता हैं।

जब हमारे समाज में यह बीमारी किसी महिला को होती हैं, तो शर्म या लाज के मारे वह स्त्री अपनी समस्या किसी को बताती नहीं हैं। लेकिन ऐसा करने से महिला को बहुत खतरनाक समस्या हो सकती हैं। इसलिए लिकोरिया होने पर तुरंत उपचार करवाना चाहिए, नहीं तो आपके शरीर में कमजोरी आ जाएगी।

आज के लेख में हम ल्यूकोरिया के उपचार के लिए उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय। Home remedies for Leucorrieah (Leucoria) in Hindi. लिकोरिया होने पर क्या खाना चाहिए? जिससे आपको आराम मिल सके. ल्यूकोरिया के इलाज के लिए क्या करे? आइये जानते हैं।

ल्यूकोरिया के इलाज के लिए उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय :-

जामुन की गुठली या छाल से उपचार

जामुन की छाल या गुठली को छाया में सुखाकर इसका चूर्ण बना ले। इस चूर्ण की 1 ग्राम मात्रा रोजाना दिन में 3 बार पानी के साथ लेने से कुछ ही दिनों में ल्यूकोरिया (श्वेतप्रदर) से छुटकारा मिल जाता हैं।

केला

प्रतिदिन एक केला खाने से लिकोरिया से राहत मिलती हैं। इसमें एंटी-इन्फेक्टिव गुण पाए जाते हैं तो बैक्टीरिया को योनी के अन्दर फैलने से रोकते हैं।

मुलहठी से इलाज

मुलहठी को बारीक पीसकर पाउडर बना ले। अब आप इस चूर्ण की 1 ग्राम मात्रा पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करे। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में ल्यूकोरिया दूर होने लगता हैं।

आम का गुदा

पके आम के गुदे को दिन में कई बार अपनी योनी के अन्दर लगाये। इससे योनी की खुजली और दुर्गन्ध दोनों ही नष्ट हो जाते हैं। इसे बहुत ही असरकारी इलाज माना जाता हैं। इस आम के पल्प को लगाने के 5 मिनट बाद हल्के गर्म पानी से योनी को धो ले।

गूलर

प्रतिदिन दिन में 3-4 बार पके हुए 1-1 गुलर का फल खाने से मासिक धर्म और श्वेतप्रदर जैसे रोगों में फायदा मिलता हैं। लिकोरिया ज्यादा होने पर 5 पके हुए गुलर को चीनी के साथ रोजाना खाने से आपको लाभ होगा।

अंजीर

थोड़े से सूखे हुए अंजीर को 1 कटोरे पानी में भिगो ले। फिर इसे हल्के गुनगुने पानी के साथ पीसकर सुबह खाली पेट पी ले। यह खतरनाक बैक्टीरिया को नष्ट करके आपको श्वेतप्रदर से राहत दिलाता हैं।

यह भी पढ़े :- अंजीर खाने के फायदे। 

गुलाब के फूल

गुलाब के फूलो को छाया में सुखा ले और इसे पीसकर इसका चूर्ण बना ले। इस गुलाब के चूर्ण की 3 से 5 ग्राम मात्रा दूध के साथ सुबह-शाम लेने से ल्यूकोरिया से मुक्ति मिलती हैं।

आंवला

आंवले में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं जो बॉडी को शक्ति देता हैं। इसके अलावा यह योनी के बैक्टीरिया को भी ख़त्म करता हैं। इसलिए अपनी डाइट में नियमित रूप से आंवला का सेवन जरूर करते रहना चाहिए।

नीम और बबूल की छाल

नीम और बबूल दोनों की छाल को बराबर मात्रा में मोटा कूटकर, इसकी 1 चौथाई मात्रा का काढा बना कर सुबह शाम लेने से ल्यूकोरिया में फायदा होता हैं। खुनी रक्तप्रदर होने पर 10 ग्राम नीम की छाल के साथ बराबर मात्रा को पीसकर 2 चम्मच शहद मिलाकर रोगी को दिन में 3 बार पिलाना चाहिए।

एलोवेरा हैं कमाल का

ल्यूकोरिया की बीमारी होने पर सुबह-सुबह एलोवेरा का जूस पीना चाहिए। इसके जैल को अपनी योनी में इन्फेक्शन होने से रोकने के लिए लगाना चाहिए। इसको लगाने से योनी से बदबू आना बंद हो जाता हैं।

नागकेशर

नागकेशर की 3 ग्राम मात्रा छाछ के साथ मिला कर पीने से ल्यूकोरिया के रोग से छुटकारा मिलता हैं।

गाजर, गोभी, चुकंदर और पालक का जूस

पालक, गोभी, गाजर और चुकन्दर के जूस को पीने से महिलाओं के गर्भाशय की सूजन ख़त्म हो जाती हैं और इससे उनको ल्यूकोरिया की बीमारी से भी छुटकारा मिलता हैं।

बरगद की छाल

बरगद के पेड़ की छाल के रस में एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं। लिकोरिया की बीमारी में बरगद के पेड़ की छाल को पानी में उबाल ले। फिर इस पानी से अपनी योनी को दिन में 3 बार धोने से आपको लाभ मिलेगा। इससे आपकी योनी साफ़, सूखी और स्वस्थ्य बनी रहती हैं।

जीरा और मिश्री

मिश्री और जीरा को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस ले और इनका चूर्ण बना ले। फिर इस चूर्ण को चावल के धोवन के साथ इस्तेमाल करने से लिकोरिया में फायदा होता हैं।

केला और घी

एक पके हुए केले को 6 ग्राम शुद्ध घी के साथ मिला कर सुबह-शाम 8 से 15 दिन तक खाने से आपको लिकोरिया से मुक्ति मिल जाती हैं। अगर केला और घी ठंडा असर करे तो आप इसमें 4-6 बूंदे शहद की मिला ले, लेकिन आपको शहद कभी भी घी के बराबर मात्रा में नहीं मिलाना चाहिए, वर्ना घी और शहद जब बराबर मात्रा में मिल जाते हैं तो यह ज़हर बन जाता हैं।

फिटकरी

¼ चम्मच पिसी हुयी फिटकरी को पानी के साथ रोजाना 3 बार खाने से दोनों तरह के प्रदर समाप्त हो जाते हैं। पानी में फिटकरी मिला कर योनी को सुबह-शाम गहराई से धोये और पिचकारी से साफ़ करे।

यह भी पढ़े :- फिटकरी के घरेलु नुस्खे और उपाय और उससे होने वाले फायदे।

भूने हुए चने

भूने हुए चनो को पीसकर उसमे खांड मिलाकर खाए। फिर उसके बाद दूध में देसी घी मिला कर पिए, इससे वेजाइनल डिस्चार्ज गिरना रूक जाता हैं।

ककड़ी के बीज

10 ग्राम ककड़ी के बीजो को सफ़ेद कमल की 10 ग्राम कलियों को पीसकर उसमे जीरा और शक्कर मिला कर एक हफ्ते तक खाने से औरतों का श्वेतप्रदर ठीक हो जाता हैं।

चौलाई की जड़

चौलाई की जड़ों को मिक्सी में पीस ले। फिर उसे पानी में 15 मिनट तक उबाल कर उसका काढ़ा बनाये। इसे दिन में 2 बार पीये। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो योनी के इन्फेक्शन को दूर कर देता हैं।

माजूफल और बड़ी इलायची

माजूफल और बड़ी इलायची को बराबर मात्रा में मिला कर पीस ले और इसका चूर्ण बना ले। इस चूर्ण की 2-2 ग्राम मात्रा रोजाना सुबह-शाम लेने से महिलाओं में होने वाला ल्यूकोरिया रोग ठीक होने लगता हैं।

चावल की माढ

आधा कटोरी चावल को पानी में उबाले और इसका माढ (जो न ज्यादा पतला हो और न ही ज्यादा गाढ़ा हो) हर रोज शाम के 5-6 बजे पीने से पुराना श्वेतप्रदर भी ठीक हो जाता हैं। लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना होगा की चावल का यह मांढ पीने से 1-2 घंटे पहले और बाद में कुछ भी खाना पीना नहीं हैं। खासकरके इसे पीने के 2 घंटे बाद ही कुछ खाना-पीना चाहिए। तभी यह आपको फायदा पहुचायेगा।

भी पढ़े :- चावल का पानी यानि माढ पीने के फायदे।

अखरोट के पत्ते

थोड़े से अखरोट के पत्तियों को पानी में उबालिए और हल्का गर्म होने पर इससे अपनी योनी को धोयिये। इससे इन्फेक्शन खत्म होने लगता हैं और योनी से दुर्गन्ध भी नहीं आती हैं।

अशोक की छाल

अशोक की छाल में बराबर मात्रा में मिश्री मिला कर इसका चूरन बना ले। रोजाना इस चूर्ण की 1-1 चम्मच मात्रा दिन में 3 बार गाय के दूध के साथ मिलाकर लेने से कुछ ही हफ्तों के अन्दर ल्यूकोरिया की बिमारी दूर हो जाती हैं। खुनी प्रदर में अशोक की छाल, दालचीनी, सफ़ेद जीरा और इलायची के बीज को उबालकर काढा बनाये और इसे काढ़े को छानकर दिन में 3 बार पीने से लाभ मिलता हैं।




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