शतावरी के फायदे और इसके उपयोगी घरेलु नुस्खे एवं उपाय।

शतावरी के फायदे और इसके उपयोगी घरेलु नुस्खे एवं उपाय।

आयुर्वेद में शतावरी का वर्णन देखने को मिलता हैं। शतावरी को कई सारी बिमारियों का इलाज माना जाता हैं। शतावरी पुरुष और महिला दोनों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद हैं, लेकिन विशेष करके स्त्रियों के लिए ज्यादा लाभकारी माना जाता हैं।

अमूमन शतावरी को स्त्रियों की जड़ी-बूटी माना जाता हैं। लेकिन यह पौधा पुरुषो के हॉर्मोन्स लेवल को बढ़ा कर उनकी कामशक्ति में वृद्धि करता हैं। शतावरी का इस्तेमाल कई प्रकार के स्त्री रोग जैसे की बाँझपन, नयी बनी माँ में दूध बनने की कमी को पूरा करना आदि में किया जाता हैं। आइये जानते हैं शतावरी के क्या फायदे हैं? इसके घरेलु नुस्खे और उपाय क्या हैं?

शतावरी के फायदे, इसके घरेलु नुस्खे और उपाय :-

1. शतावरी की जड़ो का चूर्ण दूध में बिना चीनी मिला कर नियमित रूप से पीते रहने से डायबिटीज की बीमारी में फायदा होता हैं।

2. शतावरी की ताज़ी जड़ों को मोटा-मोटा कूट ले और फिर इसका रस निकाल ले और इसे बराबर मात्रा में तिल के तेल के साथ पका ले। इस तेल को माइग्रेन जैसे सिरदर्द में लगाने से आपको लाभ मिलेगा।

3. यह बांझपन को दूर करता हैं और प्रजनन क्षमता को बढ़ाता हैं।

4. खांसी होने पर शतावरी का पाक महिला और पुरुष दोनों के लिए लाभकारी होता हैं। इसलिए इस पाक का इस्तेमाल जरूर करे।

5. स्त्रियों में मासिक धर्म के दौरान एक्स्ट्रा पानी के कारण वजन बढ़ता हैं तो शतावरी उसे कम करने में मदद करता हैं।

6. इस पौधे से टाइफाइड, हैजा, डायरिया जैसी बिमारियों का इलाज किया जा सकता हैं।

7. अगर कोई महिला नयी नयी माँ बनी हो और उसे दूध नहीं बन रहा हो या दूध बहुत कम बनता हो, तो शतावरी की जड़ों का चूर्ण दिन में कम से कम 4 बार जरूर खाना चाहिए। शतावरी के 5 से 10 ग्राम चूर्ण को फांक ले और ऊपर से दूध पीये और दूध दलिया खाए। इससे माँ का दूध बनने लगता हैं और माँ के दूध में बढ़ोतरी भी होती हैं।

8. इसके पत्तों से 2 चम्मच रस निकाल कर दूध में मिला कर दिन में 2 बार पीने से यौन शक्ति में वृद्धि होती हैं।

9. शतावरी की तासीर ठंडी होती हैं, इसलिए यह बुखार, जलन और पेट के अल्सर को ठीक करने में सहायता करती हैं।

10. अगर जच्चा-बच्चा को खांसी हो जाये तो शतावरी चूर्ण, अडूसा के पत्ते और मिश्री इन तीनो को बराबर मात्रा में मिला कर कूटे। अब 10 ग्राम चूर्ण को 1 गिलास पानी में उबाल कर काढ़ा बना ले। इसे दिन में 3 से 4 बार 2-2 चम्मच माँ को पिलाए और 5-5 बूँद शिशु को माँ के दूध मिला कर पिलाये। इससे सूखी खांसी में राहत मिलती हैं।

11. अगर पेशाब में खून आ रहा हो तो शतावरी का चूर्ण नियमित रूप से लेते रहना चाहिए।

12. प्रतिदिन सुबह शाम शतावरी चूर्ण की 5 से 10 ग्राम मात्रा को थोड़े से शुद्ध घी में मिला कर चाटने के बाद ऊपर से थोड़ा मीठा गुनगुना दूध पीने से ल्यूकोरिया की बीमारी से निजात मिलती हैं।

13. शतावरी में विटामिन ए होता हैं, जो शरीर को सुन्दर बनाता हैं। इससे चेहरे की झुर्रियां भी कम होने लगती हैं।

14. घी में शतावर का चूर्ण मिला कर सुबह शाम चाटने के उपरान्त दूध पीने से शारीरिक थकान, कमजोरी, पेशाब में रुकावट, नींद न आना, धातु की कमी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता हैं।



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