भारत में प्रत्येक 96 मिनट के अंदर शराब पीने से होती हैं 1 मौत।

शराब पीने से हर 96 मिनट में होती हैं भारत में एक मौत

भारत के बिहार राज्य में शराबबंदी के लागू होने के बाद शराब लोगो में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इंडियास्पेंड ने अपनी रिपोर्ट में यह बताया हैं की भारत में रोजाना 15 लोगो की मौत शराब पीने की वजह से होती हैं, या फिर यह भी कहा जाता हैं की भारत में हर 96 मिनट के अंदर एक व्यक्ति की मौत शराब पीने की वजह से होती हैं। यह रिपोर्ट नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर पेश किया गया है।

भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत में 38% की वृद्धि दर्ज की गयी हैं। साल 2003-04 में जहा प्रति व्यक्ति शराब की खपत 1.6 लीटर थी, जो की साल 2010-11 में बढ़ कर 2.2 लीटर प्रति व्यक्ति खपत हो गयी। W.H.O. ने अपनी रिपोर्ट में यह हैरान करने वाला दावा किया हैं की भारत के 11% लोग शराबी हैं, जबकि पुरी दुनिया में 16% लोग ही शराबी हैं। इन सभी आंकड़ो को पेश करने का मकसद इतना है की सभी लोग शराब के प्रति जागरूक हो सके और सभी राजनितिक दल शराब को बंद करने के खिलाफ मुहीम चलाये।

शराब बैन करने वाले राज्यों ने कब शराबबंदी की?

चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद जे. जयललिता ने तामिलनाडू में 500 से भी ज्यादा शराब की दुकानों को बंद करवा दिया था। बिहार में अभी भी शराब पर बैन लगा हुआ हैं। केरल में साल 2014 के समय शराब की बिक्री सिर्फ 5 स्टार होटल तक ही सिमित कर दी गयी थी।

बिहार में शराबबंदी होने से पहले यह सिर्फ गुजरात और नागालैंड ही ऐसे दो राज्य थे, जहा पर शराब बैन था। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की आंकड़ो की माने तो भारत में सबसे ज्यादा शराब पीने से लोगो की मौत महाराष्ट्र राज्य में होती हैं। शराब पीने से मरने वाले लोग दुसरे और तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश और तामिलनाडू के लोग हैं।

तामिलनाडू के एस. राजू का यह मानना हैं की ज्यादातर एक्सीडेंट और क्राइम शराब पीने की वजह से ही होते हैं। जिसमें महिलाओं के यौन उत्पीड़न और डकैती जैसे अपराध भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया की शराब पीने की वजह से होने वाली मौतों के कारण तामिलनाडू में 30 साल कम उम्र की विधवाओं की संख्या बाकी राज्यों से ज्यादा हैं।

साल 2014 में जहरीली शराब पीने की वजह से रोजाना 5 लोगो की मृत्यु होती ही थी। वहीं साल 2015 में मालवानी और मुम्बई में अवैध शराब पीने के कारण तकरीबन 100 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जहरीली शराब पीने के कारण साल 2014 में 1699 लोग मृत्यु के शिकार हो गये थे, जबकि साल 2013 में जहरीले शराब पीने से 387 लोगो की मौत हुई थी। यानी की ज़हरीले शराब पीने के कारण होने वाली मौतों की संख्या 2013 के मुकाबले अगले साल बढ़ कर 339% ज्यादा हो गयी थी।

परन्तु लन्दन स्कूल ऑफ़ हाइजिन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के हेल्थ स्पेशलिस्ट विक्रम पटेल यह कहते हैं की शराब को बैन कर देने से शराब की लत और इससे होने वाली मौतों को कम करने में ज्यादा मदद नहीं मिलती हैं।







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