सदाबहार (बारहमासी) फूल के फायदे, घरेलु नुस्खे और उपाय जानिए।

सदाबहार का फूल

सदाबहार एक ऐसे फूल हैं, जो साल के 12 महीनो तक खिलता हैं। इस फूल को नयनतारा और बारहमासी के नाम से भी जाना जाता हैं। सदाबहार फूल औषधीय गुणों से भरा हुआ पौधा हैं। यह झाड़ीनुमा पौधा हैं, जिसके पत्ते अंडाकार आकार के होते हैं। इस फूल की 5 पंखुड़ीयां होती हैं। सदाबहार के फूल के फायदे, घरेलु नुस्खे और उपाय काफी कारगर माने गये हैं। यह फूल सफेद, गुलाबी, फालसाई और जामुनी रंगों में उगता हैं। अंग्रेजी भाषा में इसे विंका कहा जाता हैं।

इस फूल को मंदिरों में भगवान की पूजा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं।  साथ ही यह देखने में इतना ज्यादा सुंदर होता है की मन मोह लेता ही हैं। आइये इसके औषधीय लाभ जानते हैं।

सदाबहार फूल के उपाय, घरेलु नुस्खे और फायदे :-

1. डिप्थीरिया के इलाज में उपयोगी

सदाबहार की पत्तियों में विण्डोलीन नामक क्षार होता हैं जो डिप्थीीरिया के जीवाणु कारिनेबैक्टिीरियम डिप्थेरी (Corynebacterium diptherae) के खिलाफ सक्रिय होता है। इस तरह इसकी पत्तियों का सत्व का इस्तेमाल डिप्थीरिया की बीमारी के इलाज में किया जाता हैं। इसके अलावा इस पौधे की जड़ों का इस्तेमाल बिच्छू, सांप और अन्य कीटों के काटने पर ज़हर उतारने के लिए भी किया जाता हैं।

2. डायबिटीज में फायदेमंद

दक्षिण अफ्रीका में सदाबहार के पौधे का इस्तेमाल डायबिटीज के इलाज में किया जाता हैं। सदाबहार की जडें ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकती हैं। इसकी पत्तियों के रस का प्रयोग हड्डा डंक (wasp sting) के उपचार में भी किया जाता हैं। डायबिटीज के रोगियों के लिए यह एंटी-डायबिटिक की तरह काम करता हैं। यह खून में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता हैं।

डायबिटीज की बीमारी के उपचार हेतु इस्तेमाल करने का तरीका :-

■ हर्बल जानकारों की माने तो डायबिटीज के मरीजों को इसके सफ़ेद फूलों को सुबह खाली पेट खाना चाहिए, इससे डायबिटीज दूर हो जाती हैं।

■ इसके पत्तों को सूखा कर चूर्ण बना ले और प्रतिदिन ब्रेकफास्ट करने के बाद आधे ग्राम चूर्ण को पानी के साथ ले। इसके अलावा इसके रस का भी सेवन किया जा सकता हैं।

■ रोजाना 5 ताज़े पत्तों को पानी के साथ पीसकर बारीक़ कपड़े से छान कर इसका रस निकाल कर खाना खाने के बाद लिया जा सकता हैं।

■ आधे कप गर्म पानी में सदाबहार के तीन ताज़े गुलाबी फूलो को 5 मिनट तक भिगो कर रखे। फिर फूलों को पानी से निकाल कर फ़ेंक दे और सुबह खाली पेट इस पानी को पिए। यह नुस्खा 8 से 10 दिन तक लगातार अपनाते रहे। उसके बाद आप अपनी शुगर के जांच करवाए, अगर ब्लड शुगर लेवल में कमी आ गयी है तो एक हफ्ते के बाद इस उपाय को दोबारा से अजमाना चाहिए। इससे डायबिटीज की बीमारी पूरी तरह से ठीक होने लगती हैं।

■ सदाफूली के 3-4 कोमल पत्तों को चबाकर उसका रस चूसने से शुगर की बीमारी से निजात मिलती हैं।

■ सदाबहार के 4 पत्तों को साफ पानी से धो कर सुबह खाली पेट चबा कर खाना चाहिए, फिर उपर से 2 घूँट पानी पी ले। इससे डायबिटीज की बीमारी में लाभ होता हैं। इस उपाय को कम से कम 3 महीने तक अजमाना चाहिए।

■ मॉडर्न साइंस ने भी इस बात को प्रमाणित कर दिया है की मधुमेह की बीमारी में इसके फूलों का रस पीने से फायदा होता हैं। यह ब्लड में ग्लूकोज़ की मात्रा को कम करता हैं। इसके लिए 2 फूलों को उबले पानी या बिना चीनी की उबली हुई चाय में डाल कर ढक दे और फिर इसे ठंडा होने के बाद मधुमेह के रोगी को पिलाये। इस उपाय को लगातार अजमाने से डायबिटीज की बीमारी दूर हो जाती हैं।

■ एक्सपर्ट्स यह मानते हैं की सदाबहार और नीम की 7-7 पत्तियों को सुबह खाली पेट खाने से डायबिटीज की बीमारी जड़ से खत्म होने लगती हैं।

3. कैंसर से बचाए

आयुर्वेद के जानकार सफेद फूल वाले सदाबहार के पौधे को कैंसर की बीमारी के उपचार में असरकारी मानते हैं। इसकी पत्तियां कैंसररोधी होती हैं। यह कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकती हैं और डैमेज हो चुके सेल्स को दोबारा से हेल्दी बनाती हैं। अगर कैंसर की पहली स्टेज वाले मरीज़ को इसकी पत्तियों का रस पिलाया जाये तो उसकी बीमारी बढ़ने की सम्भावना काफी ज्यादा कम हो जाएगी। दूसरी और लास्ट स्टेज के दौरान इसका इस्तेमाल करने से रोगी की इम्युनिटी मजबूत बनेगी, जिससे वह थोड़े ज्यादा समय तक जिन्दा रह पायेगा।

4. मूंह और नाक से खून आना बंद करे

कल्पचर नामक ब्रिटिश औषधि स्पेशलिस्ट ने मूंह और नाक से खून आने पर इसका इस्तेमाल करने का परामर्श दिया हैं। लॉर्ड बेकन ने भी अंगों की जकड़न में इसके इस्तेमाल को लाभकारी माना हैं। वैसे स्कर्वी, अतिसार, गले में दर्द, टांसिल्स में सूजन, रक्तस्नव आदि में भी यह उपयोगी होता है।

5. मोनोरेजिया के उपचार में

सदाबहार के पौधे की जड़, पेट के लिए टॉनिक है। इसकी पत्तियों का सत्व मोनोरेजिया की बीमरी के इलाज में इस्तेमाल किया जाता हैं। दरअसल इस बीमारी में असाधारण रूप से पीरियड्स आने लगते हैं।

सदाबहार फूल के अन्य घरेलु उपाय और नुस्खे :-

सदाबहार का इस्तेमाल फेफड़ों के इन्फेक्शन, खांसी, गले की खराश आदि के इलाज में भी किया जाता हैं। क्योंकि इसमें क्षारीय तत्व पाए जाते हैं जो इसे संजीवनी बूटी की तरह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बनाते हैं। आइये इसके घरेलु नुस्खे और उपचार के बारे में जानते हैं।

► सदाबाहर की पत्तियों को तोड़ने पर दूध निकलता हैं। इस दूध को घाव पर लगाने से इन्फेक्शन नहीं होता हैं और जख्म जल्दी सूखने भी लगता हैं।

बवासीर की बीमारी होने पर इसकी पत्तियों और फूलो को कुचलकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से काफी ज्यादा आराम मिलता हैं। इस उपाय को रोजाना रात को सोने से पहले करना चाहिए। इससे बवासीर ठीक हो जाती हैं।

► मॉडर्न साइंस भी इस बात की पुष्टि करती हैं की यह इसमें कैंसररोधी गुण पाए जाते हैं। इस पौधे में अल्कलायड रसायनों जैसे विनब्लास्टिन और विनक्रिस्टिन की मौजूदगी होती हैं। जो ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) के इलाज में प्रभावकारी हैं।

► सदाफूली के पत्तियों और फूलों का रस पिंपल्स पर लगाने से कुछ ही दिनों में मुहांसे गायब हो जाते हैं। इसके लिए पत्तियों और फूलों को थोड़े से पानी में कुचल कर लेप बनाये और इसे चेहरे पर लगाए। दिन में कम से कम 2 बार इसे चेहरे पर लगाने से फायदा होता हैं।

► अगर ततैया या मधुमक्खी ने डंक मार दिया हैं तो इसकी पत्तियों का रस डंक वाली जगह पर लगाये। इससे डंक की वजह से होने वाले दर्द में कमी आती हैं और साथ ही ज़हर का असर कम होने लगता हैं। साथ ही इसका रस घाव को जल्दी सूखा भी देता हैं।

► सदाबहार के फूलों और पत्तियों के सेवन से बॉडी का इम्यून सिस्टम मजबूत बनता हैं। इसकी पत्तियों का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी में लाभ होता हैं, साथ ही इससे दिल को हेल्दी रखने में मदद भी मिलती हैं।

► इसकी पत्तियों से निकलने वाले दूध को खाज-खुजली होने पर भी लगाया जा सकता हैं। खाज-खुजली की समस्या से आराम पाने के लिए इसके दूध को दिन में 2 बार उन जगहों पर लगाना चाहिए।

► स्किन में किसी भी तरह की एलर्जी, लाल निशान होने पर इसकी पत्तियों का रस लगाने से स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा मिलता हैं।

अगर फोड़े-फुंसी हो गये है तो इसकी पत्तियां का रस, दूध में मिला कर फोड़े-फुंसी पर लगाना चाहिए। ऐसा करने से वह पक जाते है और बहुत ही जल्दी मवाद बाहर निकल जाता हैं।

सदाबहार के फूल के नुकसान (साइड-इफेक्ट्स)

अपने औषधीय गुणों की वजह से सदाबहार का पौधा चमत्कारी पौधा हैं। लेकीन इसके कुछ नुकसान भी हैं। जैसे की इसका इस्तेमाल करने से कई बार सिरदर्द होना, मतली और उल्टी आने की समस्या, खून बहना और थकान जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता हैं। खास करके यह स्वाद में कड़वा होता हैं, इसलिए सुबह खाली पेट इसे लेने से कई लोगो को उल्टी भी आ सकती हैं।



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