भगवान सूर्य की मूर्ति इन दिशाओं में लगाने से होता हैं फायदा।

वास्तु के अनुसार भगवान सूर्य की प्रतिमा क्यों, कब और कैसे लगाए? इससे क्या लाभ होगा?

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर ऐसा होना चाहिए, जिसकी छत ऊँची हो, ताज़ी हवा आती हो और सूर्य की रौशनी आने की सही व्यवस्था हो। लेकिन आज के युग में ऐसे घरों का निर्माण करवा पाना काफी ज्यादा मुश्किल हो गया है। जिसके कारण अब घरों में वास्तु दोष ज्यादा होने लगे है। साथ ही ऐसे घरों में रहने के कारण बीमारियाँ भी ज्यादा होने लगी हैं। जिन घरों में सूर्य का प्रकाश सही तरह से नहीं पहुँच पाता हैं। या फिर जिन जातकों की कुंडली में सूर्य सही स्तिथि में नहीं हैं। तो ऐसे लोगो को अपने घरों के अंदर सूर्य देव की तांबे की मूर्ति को लगाना चाहिए।

भगवान सूर्य की यह तांबे की प्रतिमा गोल बनी होती हैं और यह बाज़ार में या फिर ऑनलाइन आसानी के साथ मिल जाती है। इस मूर्ति को घर में लगाने से सेल्फ-कॉन्फिडेंस बढ़ता हैं, शिक्षा और कैरियर में सफलता मिलती हैं। घर के जिस हिस्से में परेशानियाँ ज्यादा हो, या फिर जिस जगह पर सूर्य की रोशनी पहुँच नहीं पा रही हो, वहां पर सूर्य की तांबे की प्रतिमा को लगाना चाहिए।

यह मूर्ति मुख्य रूप से मुघौटे के रूप में मिलती है। इस मूर्ति की कीमत 50 ₹ से लेकर 300 ₹ तक हैं। सूर्य की मूर्ति को अपनी परेशानी और सूर्य की स्तिथि को ध्यान में रख कर लगाना चाहिए।

सूर्य देव की इस मूर्ति को लगाने का नियम :-

मुख्य रूप से सूर्य भगवान की इस मूर्ति को रविवार के दिन स्थापित करना चाहिए। इस मूर्ति को घर में लगाते समय ऊँ आदित्याय नमः या फिर ऊँ भास्कराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। आइये जानते हैं की वास्तु के अनुसार भगवान सूर्य की मूर्ति को किन जगहों और दिशाओं में लगाया जा सकता हैं। साथ ही घर की दीवारों की किस दिशा में तांबे की यह मूर्ति लगाने से क्या-क्या फायदा होगा।

सूर्य भगवान की यह मूर्ति किस दिशा में कब और कैसे लगानी चाहिए?

■ रात्री 12 बजे से 3 बजे तक

ज्योतिष मान्यता के अनुसार भगवान सूर्य रात्री के 12 बजे से 3 बजे तक पृथ्वी के उत्तरी भाग में होते हैं। उत्तर दिशा धन के लिए शुभ मानी जाती हैं। अगर घर में धन की कमी हो गयी हैं, तो घर में जिस जगह पर कीमती सामान, गहने आदि रखे गये हैं तो वहां पर तांबे की बनी सूर्य मूर्ति को लगाए। इस सूर्य प्रतिमा को उत्तर दिशा की दीवार में लगाये, इससे घर में कभी भी पैसे की कमी नहीं होगी।

■ सुबह 3 बजे से 6 बजे तक

सूर्योदय से पहले यानी सुबह 3 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त होता है। इस समय सूर्य पृथ्वी के उत्तर-पूर्व भाग में होते हैं। यह समय चिंतन, मनन और अध्यन के लिए अच्छा माना गया हैं। अतः बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं या फिर उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता हैं। तो उनके स्टडी रूम या फिर बच्चे के कमरे में सूर्य देव की यह मूर्ति लगानी चाहिए। इससे उन्हें शिक्षा में सफलता प्राप्त होती हैं।

■ सुबह 6 बजे से 9 बजे तक

इस समय सूर्य धरती के पूर्व में रहते हैं। इस समय की सूर्य की रौशनी शरीर पर पड़ने से रोगों से मुक्ति मिलती है। घर में अगर बीमारियाँ ज्यादा हो गयी हैं तो हॉल या ऐसे कमरे में सूर्य की मूर्ति लगाए। जहा पर घर के मेम्बर अपना ज्यादा समय बिताते हो। इससे घर में बिमारियां ज्यादा देर तक नहीं रहती हैं।

■ सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक

इस दौरान सूर्य पृथ्वी के दक्षिण-पूर्व में चले जाते हैं। यह भोजन को पकाने के लिए श्रेष्ठ समय होता है। इसलिए घर की रसोई में तांबे की सूर्य प्रतिमा को लगाना चाहिए। इससे घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होगी।

■ दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक

इस समय सूर्य पृथ्वी के दक्षिण में होते हैं। यह समय आराम करने का होता हैं। अगर घर में लड़ाई-झगड़े ज्यादा होते हैं और अशांति का माहौल बना रहता हैं। तो घर के मुखिया के बेडरूम में सूर्य की मूर्ति को लगाना चाहिए। इससे घर में शान्ति आती हैं।

■ दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक

इस दौरान सूर्य दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर अग्रसर हो जाते हैं। यह अध्यन और कामों को करने का समय होता हैं। अगर बिजनेस में घाटा हो रहा हैं तो ऑफिस या दूकान में सूर्य की मूर्ति को लगाना चाहिए। इससे कारोबार में उन्नति होने लगती हैं और घाटा मुनाफे में बदलने लगता है।

जरूर पढ़े :- जानिए घर या ऑफिस की किस दिशा में कछुआ रखने से क्या फायदा होता हैं।

■ शाम के 6 बजे से रात के 9 बजे तक

इस समय सूर्य देव पृथ्वी के पश्चिम हिस्से में होते है। यह समय पूजा पाठ और ध्यान करने के लिए उत्तम होता हैं। इसलिए घर के मन्दिर में तांबे के सूर्य की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। इससे परिवार के सदस्यों पर भगवान सूर्य की कृपा हमेशा बनी रहती हैं।

■ रात के 9 बजे से 12 बजे तक

इस समय भगवान सूर्य नारायण उत्तर-पश्चिम दिशा में होते हैं। घर के बेडरूम में सूर्य की तांबे की प्रतिमा लगाए। इससे वहां पर सोने वाले लोगो के मान-सम्मान में वृद्धि होती हैं।



अगर लेख अच्छा लगा हो तो निचे सोशल मीडिया बटन से अपने दोस्तों में शेयर करना न भूले, क्योंकि आपका एक शेयर इस वेबसाइट को आगे जारी रखने के लिए हमें प्रेणना देगा...

इन्हें भी जरूर पढ़े...

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में इन टूटी-फूटी चीजों को रखने से होते हैं कई नुकसान।
जानिए माँ गंगा ने अपने ही पुत्रों को नदी में क्यों बहाया?
जानिए शिवलिंग की सबसे पहले पूजा किसने की और इसकी स्थापना किसने की?
हिन्दू धर्म में स्त्रियों का नारियल फोड़ना क्यों मना हैं?
जानिए जानवरों से जुड़े शुभ-अशुभ, शकुन अपशकुन के बारे में.
लोहड़ी के त्यौहार के बारे में जानकारी और इसकी कथा।
जानिए अंगो के फड़कने का क्या मतलब होता हैं?
तुलसी से जुड़े हुए कुछ ज्योतिष उपाय, जो दूर करते हैं जीवन की कई सारी परेशानियाँ।
चांदी से शरीर को होने वाले फायदे और चांदी के कारगर ज्योतिष उपाय।
अशोक के पेड़ के 4 कारगर ज्योतिष उपाय, जो जीवन की परेशानियाँ करते हैं दूर।
शिव पुराण के अनुसार मृत्यु आने के यह होते हैं संकेत।
जानिए कौन से पेड़ घर में नेगेटिव एनर्जी को पैदा करते हैं।