हार्ट बीट रेट असामान्य हैं तो इसकी वजह यह होती हैं।

हार्ट रेट कम या ज्यादा होना इन बिमारियों की ओर देता हैं संकेत.

ज्यादातर लोग अब हार्ट रेट मॉनिटर का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे पुरे दिन की रीडिंग दिखाई देती हैं। आपको जरूर जानना चाहिए की आपकी हार्ट बीट रेट क्या संकेत दे रही हैं? मतलब की असामान्य हार्ट बीट रेट होने के कारण कई सारे होते हैं। यह कई सारी बीमारियाँ होने के भी संकेत होती हैं।

आपके दिल की धड़कन कितनी तेज़ चल रही या यह कितनी धीमी चल रही हैं, यह आपके स्वास्थय की ओर भी इशारा करती हैं। कई चीज़े ऐसी हैं जो आपको हार्ट रेट पर अपना असर डालती हैं।

नार्मल हार्ट रेट 60 से 80 प्रति मिनट माना जाता हैं। वैसे तो अगर एक मिनट में 100 बार दिल धड़कता हैं तो यह भी ठीक ही माना जाता हैं। लेकिन अगर हार्ट रेट बहुत कम या बहुत ज्यादा हैं तो डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करे। आइये जानते हैं की आपकी हार्ट बीट रेट आपकी सेहत के बारे में क्या बताती हैं।

हार्ट बीट तेज़ या कम होने की वजह और बीमारियाँ होने के संकेत :-

■ डायबिटीज की समस्या

बढ़ा हुआ हार्ट रेट इस बात का भी संकेत माना जा सकता हैं की भविष्य में आपको मधुमेह की बीमारी होने वाली है। डायबिटीज होने पर दिल की धड़कन की गति प्रभावित होती हैं, जिससे दिल की बीमारियाँ होने का ख़तरा काफी ज्यादा बढ़ जाता हैं।

■ दवाइयों के सेवन के कारण

कई दवाईयां ऐसी हैं जिन्हें लेने से आपकी हार्ट बीट रेट परिवर्तित हो जाती हैं। कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स आपके दिल को शांत कर सकते हैं और इससे आपका दिल धड़कता है।

■ कैफीन की ज्यादा मात्रा लेना

अगर आप ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन करते हैं, मतलब की कॉफ़ी या चाय ज्यादा पीते हैं तो इससे आपकी ह्रदयगति तेज़ हो जाती हैं। एक एनर्जी ड्रिंक या एक कप कॉफ़ी पीने के बाद आप अपने हार्ट रेट में बदलाव महसूस कर सकते हैं।

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■ फिजिकल एक्टिविटी कम होना

नियमित रूप से कसरत करने से आपका दिल बेहतर ढंग से कार्य करता हैं। मोटापे की समस्या और शारीरिक रूप से असक्रिय रहने पर आपके दिल के धड़कने की गति तेज़ हो जाती हैं। जब आपका वजन काफी ज्यादा होता हैं तो आपके दिल को बॉडी के सभी पार्ट्स तक खून की सप्लाई करने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता हैं। इससे जब ज्यादा खून को पंप किया जाता हैं, तो दिल तेज़ी के साथ धड़कने लगता हैं।

■ डिहाइड्रेशन की समस्या

अगर बॉडी में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाये तो इससे हार्ट रेट तेज़ हो जाता हैं। इसके अलावा शरीर में मैग्नीशियम, पोटैशियम और कैल्शियम की कमी की वजह से भी ह्रदयगति तेज़ होने लगती हैं।

■ टेंशन की समस्या

अगर हार्ट रेट बहुत ज्यादा हैं तो इसका मतलब टेंशन का लेवल हो सकता हैं। ज्यादा टेंशन लेने के कारण आपकी ह्रदयगति सामान्य के मुकाबले काफी तेज़ हो जाती हैं।

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■ इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी के कारण

हार्ट रेट का Abnormal होने की वजह दिल में इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी का प्रभावित होना भी हैं। आपका ह्रदय तभी अच्छी तरह से काम कर सकता हैं, जब इसके इलेक्ट्रिकल सिस्टम फंक्शन इसे धड़कने में अच्छी तरह से मदद करते हो।

■ थायरॉयड की समस्या

हाइपोथायरायडिज्म के कारण हार्ट बीट रेट धीमी हो जाती हैं। तो दूसरी ओर हाइपरथायरायडिज्म की वजह से दिल की धड़कन तेज़ हो जाती हैं। इसलिए आपकी थायरॉयड ग्रंथि अगर ज्यादा काम करती या फिर यह कम काम करती हैं तो यह भी आपके ह्रदयगति पर अपना प्रभाव डालती ही हैं।



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