हिचकी रोकने के घरेलु नुस्खे और उपाय, इसके बारे में कुछ रोचक जानकारी।

हिचकी दूर करने के घरेलु नुस्खे और उपाय, इसके बारे में कुछ रोचक जानकारी।

हिचकी आने पर लोग यह कहते हैं की कोई याद कर रहा हैं तभी तो इसको इतनी ज्यादा हिचकी आ रही हैं। लेकिन हिचकी आने की दूसरी वजह होती हैं। आइये जानते हैं हिचकी आने की वजह क्या हैं? हिचकी दूर करने के घरेलु नुस्खे और उपाय क्या हैं? हिचकी को इंग्लिश में Hiccups कहा जाता हैं। Home Remedies & Interesting facts & reason about Hiccups in Hindi.

हिचकी रोकने के घरेलु नुस्खे और उपाय :-

1. प्याज के रस में शहद मिला कर लेने से हिचकी आना बंद हो जाता हैं।

2. हिचकी अगर अपच के कारण हो रही हैं तो एक गिलास पानी में मीठा सोडा मिला मिला कर पीजिये, हिचकी से राहत मिलती हैं।

3. गन्ने का जूस पीने से भी हिचकी को रोका जा सकता हैं।

4. थोड़ा सा गर्म घी पी लेने से भी हिचकी तुरंत बंद हो जाती हैं।

5. मोर पंख को जला कर राख बनाये, इस राख में बराबर मात्रा में पीपली मिलाए। इस मिश्रण को शहद के साथ ले। इससे हिचकी से छुटकारा मिलता हैं।

6. हिचकी ज्यादा आने पर साफ पानी धीरे-धीरे पीजिये।

7. सेंधा नमक को पानी में घोल कर कुछ बूंदे नाक में डाले, इससे हिचकी आना रूक जाता हैं।

8. मूली के चार पत्ते खाने से भी हिचकी को रोका जा सकता हैं।

9. मरीज़ को शांत रहना चाहिए, क्योंकि हिचकी की बीमारी का सम्बन्ध मन से माना जाता हैं।

10. हिचकी अगर बंद न हो तो पुदीने के पत्ते या निम्बू को चूसना चाहिए।

11. हिचकी अगर ज्यादा आ रही हैं तो बाजरे के बराबर हिंग को गुड़ में मिला कर केले के साथ खाए, निश्चित ही आपको लाभ होगा।

12. प्याज को काटकर नमक डाल कर खाए। प्रत्येक घंटे के बाद प्याज खाने से हिचकी आनी बंद हो जाती हैं।

13. हिचकी अगर दस्त के कारण आ रही हैं तो नमक और चीनी का घोल बनाये। यह इसकी प्राथमिक चिकित्सा हैं।

14. निम्बू का रस और शहद एक-एक चम्मच मिला कर इसमें थोड़ा सा काला नमक डाल कर खाने से हिचक आना रूक जाता हैं।

15. साबुत उरद की दाल जलते हुए कोयले पर डाले और इसके धुयें को सूंघिए। हिचकी से निजात मिलती है।

16. सेंधा नमक को सूंघने से भी हिचकी नहीं आती हैं।

17. हिचकी अगर सामने वाले को आ रही हैं तो उसका ध्यान एकदम से किसी और बात में लगा दे, जैसे की उसे कोई हैरान करने वाली बात बताये या उसे कोई shock करदे। इससे हिचकी रूक जाती हैं।

18. हिचकी आने पर खूब सारा पानी पीना चाहिए, इससे हिचकी रूक जाती हैं।

हिचकी दूर भगाने की लिए इन बातों का रखे ख्याल :-

अगर आपको बार बार हिचकियाँ आती रहती हैं तो निचे लिखी गयी बातों को अपनी जीवनशैली में अपनाये। इससे आपको हिचकी आने से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता हैं।

1. सुबह उठते ही 2 से 3 गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए।

2. शाम को भोजन सूरज डूबने से पहले कर ले।

3. सुबह खाने के साथ जूस जरूर पीजिये।

4. दोपहर का खाना 12 से 2 बजे के बीच में करे।

5. सुबह का खाना जल्दी खा ले।

6. पानी धीरे-धीरे पीने की आदत डालिए।

7. शुगर का इस्तेमाल खाने में कम से कम करे।

8. आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना कम करदे।

हिचकी के बारे में कुछ interesting Facts (रोचक जानकारी) :-

रिसर्च क्या कहती हैं हिचकी के बारे में

फ्रांस के कुछ अध्यनकर्ताओं का यह मानना हैं की हिचकी का सम्बन्ध इस बात से जुड़ा हैं की हमारे पूर्वज समुंदरी जीव थे। समुन्द्री जीव खास करके मछलियाँ सांस लेने के लिए गिल्स या गलफड़े का इस्तेमाल करती हैं। दरअसल वैज्ञानिक हिचकी का कोई खास कारण ढूंढ नहीं पा रहे हैं। हिचकी आमतौर पर उन मांसपेशियों के सिकुड़ने के कारण होती हैं जो सांस लेने में जिम्मेवार होते हैं।

भ्रूण को भी आती हैं हिचकी

अल्ट्रा साउंड की रिपोर्ट्स से पता चलता हैं की गर्भ में पल रहे 2 महीने के भ्रूण में जब सांस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई तो उसे भी हिचकी आती हैं। एक अन्य सिद्धांत की माने तो हिचकी फेफड़ो में लिक्विड को जाने से रोकती हैं। वैसे इसके विरोध में भी तर्क दिया गया हैं की अगर ऐसा होता तो भ्रूण को खांसी आती, न की हिचकी। अब जो नयी रिसर्च सामने आई हैं उसमे यह कहा गया हैं की समुंदरी जीव जो गिल्स से सांस लेते हैं, जब सांस बाहर निकालते हैं तो कुछ ऐसी क्रिया होती हैं जैसे हिचकी के समय देखने को मिलती हैं।

हिचकी आने की वजह

हिचकी हमारे Diaphragm के सिकुड़ने से आती हैं। Diaphragm छाती के खोखले भाग को हमारे पेट के खोखले भाग से अलग करता हैं। यह साँस लेने की प्रक्रिया में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। फेफड़ो में हवा भरने के लिए Diaphragm का सिकुड़ना जरूरी हैं। जब Diaphragm बार-बार सिकुड़ता हैं तो फेफड़े तेज़ी के साथ हवा अन्दर खीचते हैं। जब सांस लेने में परेशानी होने लगती हैं तो हिचकियाँ आनी शुरू हो जाती हैं। कई बार ऐसा जोर-जोर से हँसने, तेज़ मिर्च मसाले वाला भोजन करने, जल्दी-जल्दी खाने या फिर पेट फूलने की वजह से हो सकता हैं।

हिचकी आने की अन्य कारण :-

गैस्ट्रिक ट्रबल के कारण भी हिचकी आती हैं। खून की कमी, खून का बहना, बहुत ज्यादा परिश्रम करना, डर, गुस्सा आदि भी हिचकी आने की वजह बनते हैं। अंत की बीमारी से भी हिचकी रोग हो जाता हैं। यह खतरनाक होता हैं, क्योंकि इससे सांस लेने का प्रोसेस रूक जाता हैं, जिससे अंत की क्रियाशीलता रूक जाती हैं। हिचकी रोग में पाचन क्रिया ख़राब हो जाती हैं। इसलिए ज्यादा हिचकी आने पर पानी पीना चाहिए। अगर आपको ज्यादा हिचकी आ रही हैं तो लापरवाही नहीं करनी चाहिए। हिचकी ज्यादा आना जानलेवा साबित हो सकता हैं।








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