शास्त्रों के अनुसार जानिए विभिन्न धातु से बने में बर्तनों में खाना पकाने और खाने के फायदे।

शास्त्रों के अनुसार जानिए विभिन्न धातु से बने में बर्तनों में खाना पकाने और खाने के फायदे।

जब भी पुराने जमाने की बात की जाती हैं तो उस समय में लोग पीतल, चांदी, सोना, कांसा और मिट्टी के बर्तनों में भोजन को पका कर खाते थे। आज के युग में भोजन अब स्टील, एलुमिनियम और यहाँ तक की प्लास्टिक के बर्तनों आदि में रखकर खाया जाता हैं। शास्त्रों के अनुसार जानिए किस धातु से बने बर्तन में भोजन पकाने और उसे खाने से सेहत को क्या-क्या लाभ होते हैं? आइये इसके बारे में जानते हैं।

■ सोने और चांदी के बर्तन में भोजन करने के फायदे

प्राचीन युग में राजा-महाराजा सोने और चांदी के बर्तनों में खाना बनवाकर खाते थे। चांदी से बने बर्तनों में खाना खाना सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता हैं। चांदी की तासीर ठंडी होती हैं, जिसके कारण चांदी के बर्तनों में भोजन करने से शरीर की गर्मी दूर हो जाती हैं और आँखों को भी लाभ मिलता हैं। उसी प्रकार से सोने के थाली में भोजन करने से शरीर ताकतवर और मजबूत बनने लगता हैं। सोने के बर्तन में खाना खाने से पुरषों को बहुत फायदा होता हैं।

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■ पत्तल पर भोजन करना

आज भी भारत के कई राज्यों में विवाह शादी जैसे समागमों में पत्तल पर भोजन परोसा जाता हैं। पत्तल पर भोजन करने का लाभ यह हैं की इससे जिस पेड़ के पत्तों से पत्तल बनाया गया होता हैं, उसके पत्तों में मौजूद सारे गुण भोजन में समाहित हो जाते हैं। जिससे भोजन और भी ज्यादा पौष्टिक बन जाता हैं। इसके अलावा आपने यह भी गौर किया होगा की दक्षिण भारत में आज भी कई सारे लोग केले के पत्तों पर भोजन रख कर खाते हैं। क्योंकि पत्तों आदि से बने पत्तल को एकदम शुद्ध माना जाता हैं और इसे खा कर धोने की भी जरूरत नहीं हैं। प्राचीन युग में लोग पत्तलों पर खाना खाते थे और अब यह परम्परा धीरे-धीरे करके ख़त्म होने की कगार पर हैं।

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■ कांसे और पीतल के बर्तन में भोजन बनाने के फायदे

पीतल के बर्तन में जो भोजन पकाया जाता हैं, उस भोजन के 92% पोषक तत्व खाने में बरक़रार रहते हैं। उसी तरह कांसे के बर्तन में खाना बनाने पर भोजन के 97% पोषक तत्व भोजन में ही मौजूद रहते हैं। यह बात रिसर्च के द्वारा प्रमाणित भी हो चुकी हैं। पीतल के बर्तन के सुंदर बर्तनों का उपयोग करने और इसमे भोग बना कर भगवान विष्णु को लगाने से घर में हमेशा सुख और समृद्धि बनी रहती हैं। आयुर्वेद का यह मानना हैं की कांसे के बर्तन में खाना खाने से दिमाग तेज़ बनता हैं और रक्त पित्त ठीक हो जाता हैं। इसके अलावा कांसे के बर्तनों में खाना खाने का लाभ यह भी की इससे भूख भी खुल कर लगने लगती हैं।

■ मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने और खाने के फायदे

मिट्टी की हांडी में दाल रखकर धीमी आंच पर छोड़ दे तो 25 मिनट के अंदर दाल पककर तैयार हो जाएगी। एक बार मिट्टी की हांडी पर पकाई गयी दाल को खा कर तो देखिये, यह इतनी ज्यादा टेस्टी और पौष्टिक होती हैं की आप इसका टेस्ट ज़िन्दगी भर याद रखेंगे। मिट्टी के तवे पर पकाई गयी रोटी भी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। वहीँ मिट्टी के मटके में रखा हुआ पानी भी गुणों से भरपूर होता हैं।

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■ लोहे की कढाई में खाना पकाना

लोहे के कढाई में भोजन पकाने और लोहे के बर्तनों में खाना खाने से सेहत को कोई नुकसान नहीं होता हैं। इससे शरीर का हीमोग्लोबिन लेवल ठीक बना रहता हैं। यह पाचन से सम्बंधित समस्याओं को भी दूर करता हैं।

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