प्रेगनेंसी के दौरान मैग्नीशियम का सेवन करना क्यों हैं जरूरी?

गर्भावस्था में मैग्नीशियम के फायदे और इसे लेना क्यों हैं जरूरी?

मैग्नीशियम शरीर को सूचारू रूप से चलाने और हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता हैं। यह एक ऐसा लाभकारी मिनरल हैं जो शरीर के लिए काफी जरूरी होता हैं। ऐसे में प्रेगनेंसी पीरियड में शरीर में मैग्नीशियम की कमी नही होने देनी चाहिए। प्रेग्नेंट महिला और उसके होने वाले बच्चे के लिए मैग्नीशियम बहुत ही जरूरी होता हैं। आइये जानते है की प्रेगनेंसी पीरियड में कितनी मात्रा में मैग्नीशियम लेना जरूरी हैं और इसके फायदे क्या हैं?

गर्भवती स्त्री और उसके बच्चे के लिए मैग्नीशियम बहुत ही आवश्यक मिनरल हैं। यह बॉडी के टिश्यू को रिपेयर करता हैं, रोजाना 350 से 400 mg की जरूरत होती हैं। प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने से भ्रूण का विकास रूक जाता हैं।

गर्भावस्था के समय गर्भवती महिला को मैग्नीशियम से होने वाले फायदे :-

1. प्रेग्नेंट महिला अगर सही मात्रा में मैग्नीशियम को लेती हैं तो उसका कोलेस्ट्रॉल लेवल और अनियमित हार्ट बीट रेट कण्ट्रोल में रहता है।

2. मैग्नीशियम हड्डियों के निर्माण के लिए जरूरी होता है। यह इन्सुलिन, ब्लड शुगर लेवल और एंजाइम्स के कार्यों को कण्ट्रोल में रखता हैं।

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3. कैल्शियम और मैग्नीशियम मिलकर बॉडी में मसल्स का निर्माण करते है। प्रेगनेंसी के दौरान मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा लेने से बच्चेदानी को मजबूती मिलती हैं और गर्भपात होने का ख़तरा कम हो जाता हैं।

4. प्रेगनेंसी पीरियड में मैग्नीशियम पैरों की ऐंठन को कम करने का काम करता हैं।

शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने के लक्षण और कारण :-

शरीर में मैग्नीशियम की कमी,  लम्बे समय तक उल्टी आने, प्रोटीन की कमी होने, किडनी और डायबिटीज की दवाइयों के साइड-इफ़ेक्ट की वजह से, दस्त की समस्या और ज्यादा शराब पीने की वजह से हो सकती है।

थकान, भूख न लगना, कमजोर याददाश्त, उल्टी, नींद न आना, मसल्स में दर्द, अनियमित हार्ट बीट रेट होना आदि मैग्नीशियम की कमी होने के लक्षण होते हैं।

गर्भवती स्त्री क्या खा कर मैग्नीशियम को प्राप्त कर सकती हैं?

■ कॉफी, चॉकलेट, हाई मिनरल्स से भरपूर पानी और डेयरी प्रोडक्ट्स मैग्नीशियम के बेहतरीन सोर्स माने जाते हैं।

■ गर्भावस्था के दिनों में मछली, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां और फलों को खा कर मैग्नीशियम की प्राप्ति की जा सकती हैं।

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ब्राउन राइस, सूखा भूना हुआ बादाम, सूरजमुखी के बीज, पालक, दलिया, दही, बीन्स, पके हुए आलू को प्रेग्नेंट महिला खा सकती है, इन चीजों में भी मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में होता हैं।

प्रेगनेंसी में ज्यादा मात्रा में मैग्नीशियम लेने के नुकसान :-

जिन तरह से गर्भावस्था के दिनों में शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने से नुकसान होते हैं। उसी तरह से ज्यादा मात्रा में मैग्नीशियम का सेवन करना भी हानिकारक होता है। जरूरत से ज्यादा मात्रा में मैग्नीशियम की खुराक या डाइट लेने से डिहाइड्रेशन, दस्त, लो ब्लड प्रेशर आदि की प्रॉब्लम हो सकती हैं।



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