PPF क्या हैं और इसका अकाउंट खुलवाने के क्या फायदे हैं?

PPF account kya hota hain? Iske kya fayde hain?

आजकल हम सभी को इनकम टैक्स सेविंग्स की डिक्लरेशन देने की चिंता हैं. इसमे हम सोचते हैं की कैसे ज़्यादा से ज़्यादा सेविंग्स कर इनकम टैक्स को बचाया जाए. आज हम आपको ऐसी ही तरकीब बताने जा रहे हैं , जिसे अपनाकर ना सिर्फ़ टैक्स की सेविंग की जा सकेगी , बल्कि आप बचत करके बेहतर रिटर्न्स भी ले सकेंगे. टैक्स बचाने और ज़्यादा रिटर्न पाने का एक सुरक्षित विकल्प हैं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF). PPF में जहा 1साल में 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर पूरी राशि पर इनकम टैक्स छूट पा सकते हैं, बल्कि उसपर आपको 8.7% का रिटर्न भी मिलता हैं. इसकी ख़ासियत यह हैं की PPF के रिटर्न पर भी आपको कोई टैक्स नही देना पड़ता हैं.

क्या हैं PPF की ख़ासियत

अगर आप किसी सरकारी स्कीम में लंबे समय तक पैसा लगाकर टैक्स सेविंग करना चाहते हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक अच्छा विकल्प हैं. धारा 80सी के तहत आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में हर साल अधिकतम 1.50 लाख रुपये का इनवेस्ट कर सकते हैं और इस निवेश पर आपको Deduction का लाभ मिलेगा. PPF पर मिलने वाले कंपाउंड ब्याज़ के कारण आप लोंग-टर्म में अच्छा ख़ासा रिटर्न भी ले सकते हैं, जो रिटायरमेंट के समय आपके काम आ सकती हैं. 15 साल में परिपक्व होने वाले टैक्स सेविंग के इस विकल्प पर F.Y. 2015-16 के लिए 8.7% का इंटरेस्ट रेट तय किया गया हैं.

अपने बच्चे के नाम से भी खुलवा सकते हैं ख़ाता

PPF लोंग-टर्म का एक ऐसा इनवेस्टमेंट हैं जिसे EEE (exempt-exempt-exempt) का दर्जा हासिल हैं. यानी की तीनो मोर्चो- इनवेस्ट के समय, ब्याज़ पर और मेच्यूर होने पर PPF में टैक्स से राहत मिलती हैं. कोई भी व्यक्ति अपने या अपने बच्चो के नाम से PPF अकाउंट खोल सकता हैं और उसमे पैसे जमा करवा कर टैक्स सेविंग्स कर सकता हैं.

ज़रूरत पड़ने पर निकाल सकते हैं पैसे

PPF में इनवेस्ट करने के छठे साल में आप इसमे से कुछ पैसे निकाल सकते हैं. निकासी की अधिकतम राशि 4 साल पहले खाते में बची रकम या निकासी से ठीक एक साल पहले खाते में उपलब्ध रकम, जो भी कम हो, का 50% निकाल सकते हैं. उदाहरण के तौर पर :- अगर आपने अपना PPF अकाउंट 2009-10 में खोला हैं और 2015-16 में आप निकासी करना चाहते हैं तो निकासी की राशि 31-मार्च-2012 या 31-मार्च-2015 को मौजूद रकम में से जो भी कम हो उसके 50% तक की लिमिट हैं.

हर साल बदलती रहती हैं PPF का इंटरेस्ट रेट (रेट ऑफ इंटरेस्ट )

PPF का इंटरेस्ट रेट फिक्स्ड नही रही अब यह 10 साल वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड से जुड़ी हुई हैं और यह एवरेज बॉन्ड यील्ड से 0.25% अधिक होती हैं. सरकार हर साल PPF के इंटरेस्ट रेट की घोषणा करती हैं. F/Y 2015-16 के लिए सरकार ने 8.70% ब्याज़ की घोषणा की हैं जो सालाना जुड़ता हैं.

आपके PPF खाते पर मिलने वाला प्याज़ मूलधन में सालाना जुड़ता हैं. लेकिन गौर करने वाली बात यह हैं की इसका कैलकुलेशन मंथली बेसिक पर आपके अकाउंट में हर महीने की 5 तारीख से पहले लास्ट डेट तक उपलब्ध सबसे कम राशि पर की जाती हैं. इसलिए अगर आप महीने की 5 तारीख को PPF में पैसे जमा करवाते हैं तो आपको उस महीने का ब्याज़ नही मिलेगा.

कहाँ खुलवाए PPF अकाउंट

PPF अकाउंट आप पोस्ट ऑफीस, सरकारी बैंक या चुनिंदा प्राइवेट बैंक में खुलवा सकते हैं. इसमें हर साल निवेश की अधिकतम सीमा 1.50 लाख रुपये हैं.

लोंग टर्म के लिए अच्छा हैं PPF

वह जमाना गया जब रिटायरमेंट के बाद कंपनी पेंशन भी देती थी. अब नौकरीपेशा हो या कारोबारी , उन्हे अपने रिटायरमेंट के बाद अपनी इनकम की व्यवस्था खुद करनी पड़ती हैं. PPF रिटायरमेंट फंड बनाने के नज़रिए से एक अच्छा विकल्प हैं.
अगर कल को इसके ब्याज़ दरों में कमी आती हैं तो रिटर्न और मेचुरिटी की राशि टैक्स फ्री होने की वजह से एक निवेशक अच्छे यील्ड की उम्मीद कर सकता हैं. लोंग टर्म के टारगेट्स जैसे बच्चो की एजुकेशन और उनकी शादी, रिटायरमेंट आदि के नज़रिए से आज की समय में इनवेस्ट के विकल्पों में PPF में इनवेस्ट करना बेहतर फ़ैसला होगा.

तो देर किस बात की हैं अभी बैंक जाए और अपना PPF अकाउंट खुलवाए. अगर आपके बैंक में यह सुविधा उपलब्ध ना हो तो दूसरे बैंक में जाकर यह ख़ाता खुलवा सकते हैं.

PPF अकाउंट 15 साल की अवधि के लिए खुलता हैं. 15 साल के बाद आप चाहे तो इसे 5 साल तक और आगे बढ़ा सकते हैं. PPF अकाउंट में आप एक से ज़्यादा नॉमिनेशन कर सकते हैं, मतलब आप 1 से अधिक उत्तराधिकारी बना सकते हैं. व्यक्ति की अगर PPF मेचुरिटी से पहले मौत हो जाए तो उसका PPF अकाउंट बंद कर दिया जाता हैं और उसके अकाउंट में जमा पैसे उसके नॉमिनी (उतराधिकारी ) को ट्रान्स्फर कर दिए जाते हैं. नोममिनी PPF अकाउंट को आगे जारी नही रख सकता हैं. यानी की व्यक्ति की मौत के बाद PPF अकाउंट बंद हो जाता हैं.

PPF अकाउंट में आप साल में सिर्फ़ 12 बार पैसे जमा करवा सकते हैं. लेकिन इन पूरे साल में आप 1.50 लाख से ज़्यादा पैसे नही जमा करवा सकते हैं.

PPF अकाउंट में आपको हर साल न्यूनतम 500 रुपये जमा करवाने होते हैं. अगर आपने किसी साल कोई रुपया जमा नही करवाया हैं तो आपको 50 रुपये पेनाल्टी लगती हैं.

PPF अकाउंट किसी भी व्यक्ति का सिर्फ़ एक ही अकाउंट हो सकता हैं. कहने का मतलब यह हैं की आपको सिर्फ़ एक PPF अकाउंट खुलवाना चाहिए. अगर आपका किसी बैंक में PPF अकाउंट हैं, और अगर आप किसी दूसरे बैंक में दूसरा PPF अकाउंट खुलवाते हैं तो यह एक क्राइम हैं. आपको सज़ा भी हो सकती हैं.

PPF अकाउंट की सबसे बड़ी विशेषता यह हैं की अगर आप डिफॉल्टर घोषित हो जाते हैं, तो कोर्ट आपकी सम्पति को अगर सील करदे. तो वह आपके बैंक अकाउंट आदि को सील कर सकती हैं. लेकिन आपके PPF अकाउंट को हाथ तक नही लगा सकती हैं. मतलब आपका अगर सब कुछ नीलाम हो जाए यहा तक की आपकी बैंक बैलेंस को भी कोर्ट नीलाम करने का आदेश दे दे , लेकिन वह आपके PPF अकाउंट की राशि को नीलाम नही करवा सकती हैं.

PPF अकाउंट ओपन करवाने के लिए आपको अपने बैंक या पोस्ट ऑफीस में एक PPF अकाउंट ओपन फॉर्म भरना पड़ता हैं. आपको डॉक्युमेंट के तौर आपको अपने रेसिडेन्स प्रूफ और आइडेंटिटी प्रूफ की फोटो कॉपी देना होता हैं. आपको बैंक या पोस्ट ऑफीस की तरफ से एक पासबुक मिलती हैं.








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