आखिर दही या खट्टी चीज़ों को ताम्बे के बर्तन में क्यों नहीं रखना चाहिए?

आखिर दही या खट्टी चीज़ों को ताम्बे के बर्तन में क्यों नहीं रखना चाहिए?

आपने यह अकसर अपने बड़े-बुजुर्गों से सूना होगा की ताम्बे के बर्तन यानि पात्र में दही या खट्टी चीज़ों को बिलकुल भी नहीं रखना चाहिए। जी, हाँ यह बात एकदम सत्य हैं क्योंकि जब हम तांबे के बर्तनों में दही या खट्टी चीज़ें रखते हैं तो इन खाद्य पदार्थों के पोषक तत्व ताम्बे के समर्पक में आते हैं की कॉपर पोइजनिंग की वजह बन जाते हैं। ऐसा इसलिए होता हैं की क्योंकि ताम्बे में कॉपर प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं। इसमें और कोई दुसरा तत्व होता ही नहीं है, इसलिए कोई भी खाने या पीने वाली चीज़, इसके समर्पक में आती हैं तो वह उसमें अपना ही गुण पैदा कर देता हैं।

तांबे के बर्तन में पानी को छोड़कर खाने-पीने वाली अन्य कोई चीज़े नहीं रखनी चाहिए। किसी भी तरह के फल या भोजन को ताम्रपात्र में रखने से सेहत को नुकसान होने लगते हैं, विशेष करके तब, जब वह चीज़ खट्टी हो। क्योंकि खाने-पीने वाली खट्टी चीज़ों ताम्बे के बर्तन में रखने पर इनमे मौजूद न्यूट्रीएंट्स ताम्बे से रियेक्ट करके कॉपर कॉक्सिक नाम का विषैला तत्व पैदा कर कर देती हैं। ऐसे में इन चीज़ों को खाना सेहत के लिए नुकसानदायक होता हैं।

ताम्बे के बर्तन में इन खाने वाली चीज़ों को न रखे :-

■ दही बन जायेगा ज़हर

अगर आप तांबे के बर्तन में दही जमाते हैं या फिर दही रख कर खाते हैं तो सावधान हो जाए। दही में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन डी, विटामिन B12, विटामिन B6 और कोलेस्ट्रॉल जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हैं। लेकीन जब आप इन्हें ताम्बे के बर्तनों में रखते हैं तो यह प्रतिक्रिया करके फूड पोइजनिंग की समस्या पैदा कर देते हैं। इसलिए ताम्बे में दही का सेवन ज़हर खाने के जितना ही नुकसानदायक हैं। दही के अलावा दूध भी ताम्बे के गिलास में नहीं रखकर पीना चाहिए, इससे भी सेहत ख़राब हो सकती हैं।

■ निम्बू का रस

निम्बू के रस में एसिड होता हैं जो ताम्बे के साथ मिलकर प्रतिक्रिया करता हैं, जिससे स्वास्थय पर हानिकारक प्रभाव पड़ता हैं। इससे पेट में गैस, पेट दर्द जैसी प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ सकता हैं।

■ अचार न रखे

क्योंकि अचार खट्टा होता हैं, इसलिए इसे तांबे के बर्तनों में रखने से बचना चाहिए। इससे अचार खराब हो जाता हैं। इसलिए किसी भी किस्म का अचार ताम्बे के बर्तन में न रखे।

■ सिरके वाला अचार भी न रखे

आपको सिरके वाला अचार भी ताम्रपत्र में नहीं रखना चाहिए। सिरका कॉपर के साथ रिएक्शन करने लगता है और कॉपर पोइजनिंग की वजह बन जाता हैं।

■ ज्यादा देर तक कोई खाने-पीने वाली चीज़ भी न रखे

अगर आप लम्बे समय तक तांबे में बरतन में स्टोर की गयी चीज़ों को खाते हैं तो आपको चक्कर और बेहोशी आने की समस्या हो सकती हैं।

■ खट्टी चीज़ और इमली न रखे

जब भी आप कोई भी खट्टी चीज़ या इमली ताम्बे के बर्तन में रखते और बाद इनका सेवन करते हैं तो आपको कमजोरी महसूस होती हैं और आपको आलस्य भी होने लगता हैं। इसके अलावा खट्टी चीज़ों को तांबे के बर्तन में रखकर खाने से पेट दर्द, पीलिया, उल्टी या डायरिया की समस्या हो सकती हैं।

आखिर पानी क्यों बन जाता हैं अमृत :-

जैसे की हमने ऊपर बताया हैं की खाने-पीने वाली चीज़े खास तौर पर खट्टी चीज़ें तांबे के बर्तन में रखने पर ज़हर के समान बन जाती हैं। लेकिन पानी के साथ ऐसा नहीं हैं, क्योंकि पानी में कोई पोषक तत्व या स्वाद नहीं होता हैं। इसलिए पानी को हम चीज़ में मिला देते है, वह उसी रूप का हो जाता हैं। ताम्बे के बर्तन में रखा हुआ पानी अमृत के समान बन जाता हैं। तांबे के लोटे में रखा हुआ पानी पीने से सेहत को ढेर सारे फायदे होते हैं। लेकिन ताम्बे के बरतन में पानी रखने के बाद ताम्बे के बर्तन को मिट्टी या धरती पर नहीं रखना चाहिए। वरना ताम्बे में मौजूद पोषक तत्व धरती की ग्रेविटी की वजह से पानी में समाहित नहीं हो पाएंगे और आपको ताम्बे का पानी पीने का कोई लाभ नहीं मिल पायेगा। इसलिए जब भी ताम्रपत्र में जल रखे तो ताम्बे के बर्तन को लकड़ी के मेज़ आदि पर ही रखे।







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